पीड़िता के मुताबिक सुनीता 10 जुलाई को उसे जनकपुरी स्थित बाबा के आश्रम लेकर पहुंची। आश्रम में उनकी मुलाकात एक महिला से हुई, जिसने खुद को बाबा की सचिव बताया। उसने पीड़िता को कई घंटे बातों में उलझाए रखा। इससे पीड़िता मानसिक और शारीरिक रूप से थक गई। इसके बाद उसे लेटाकर कुछ क्रियाएं करने लगी।
उसने बताया कि तुम्हारे शरीर का एक चक्र बंद है, जिसके लिए बाबा से चिकित्सा करवानी होगी। पीड़िता ने घर जाने की इच्छा जताई लेकिन सुनीता और सचिव ने उसे पूरा उपचार पूरा करवाने का कह रात को आश्रम में ही रोक लिया। नहाने और खाना खिलाने के बाद उसे अर्द्धनग्न हालत में एक कमरे में भेज दिया, जहां बाबा ने उससे दुष्कर्म किया।
पीड़िता ने महिला आयोग से की शिकायत
पीड़िता ने इस घटना की शिकायत महिला आयोग से की। आयोग की टीम जनकपुरी थाने में पीड़िता के साथ पहुंची। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने उसका मेडिकल करवाया और दुष्कर्म का मामला दर्ज करने के बाद आश्रम पर छापा मारकर बाबा की सचिव को गिरफ्तार कर लिया।
हालांकि तब तक बाबा आश्रम से फरार हो चुका था। पुलिस ने सचिव से पूछताछ के बाद पुलिस की एक टीम को नैनीताल भेजकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने पीड़िता की परिचित अध्यापिका सुनीता को भी गिरफ्तार कर लिया है।