उन्होंने और उनके शिष्यों ने ओबामा को अपने रक्त से पत्र लिखे। पत्र में उन्होंने लिखा कि अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक हुसैन ओबामा का यह बयान कि भारत में मुस्लिमों के साथ गलत हो रहा है, यह उनके पूर्वाग्रहों से ग्रसित है। इतने उच्च पद पर रह चुके व्यक्ति का इतना असत्य बयान दुखद और पूरे हिन्दू समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला है। भारत में कोई भी हिन्दू मुस्लिम का उत्पीड़न नहीं कर रहा है।
उन्होंने पत्र के माध्यम से ओबामा को चुनौती दी कि यदि उनकी एक भी बात गलत सिद्ध होती है तो वो फांसी पर चढ़ने के लिए तैयार हैं। इस अवसर पर यति निर्भयानंद, यति कृष्णानंद, यति असीमानंद, धीरज फौजी, अनिल यादव, बृजमोहन सिंह, नरेश शर्मा, हिमांशु पंडित, सनोज शास्त्री, कृष्ण वल्लभ भारद्वाज आदि उपस्थित रहे।