पानी का संचय यमुना नदी के दिल्ली की तरफ तीन किमी की चौड़ाई में होगा। फिलहाल यहां किसान खेती करते हैं। सरकार इनसे किराए पर जमीन लेगी। इसकी कीमत तय करने के लिए सरकार ने वरिष्ठ अधिकारियों की पांच सदस्यीय एक कमेटी का गठन किया गया है। सोमवार तक कमेटी को रिपोर्ट देनी है।
नदी से 10 किमी तक के हिस्से पर डालेगा असर
दिल्ली सरकार का कहना है कि गड्ढ़े बेशक तीन किमी की चौड़ाई में बनेंगे, लेकिन इसका असर 8-10 किमी दूर तक रहेगा। यमुना नदी के नजदीक जमीन की आंतरिक भूसंरचना में ढाल दिल्ली की तरफ है। इससे जमीन के नीचे पानी दूर तक फैलेगा। फिर, 40 किमी की गहराई तक रेत की पर्त है। पानी इसमें फंसकर फैलता रहेगा। अरविंद केजरीवाल ने बताया कि गड्ढ़े को बनाने में करीब 50 करोड़ रुपये का खर्च होगा।
केंद्र सरकार से मंजूरी का इंतजार
अरविंद केजरीवाल ने बताया कि अभी केंद्र से मंजूरी मिलनी है। प्रधामंत्री नरेंद्र मोदी खुद देशवासियों से पानी बचाने की अपील कर रहे हैं। वहीं, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से मुलाकात के दौरान काफी सकारात्मक बात हुई थी। उम्मीदन केंद्र सरकार जल्द ही इस योजना को मंजूरी दे देगी।
सभी सरकारी इमारतों में रेन वॉटर हार्वेस्टिंग प्लांट
अरविंद केजरीवाल ने बताया कि कैबिनेट ने दिल्ली जल बोर्ड का निर्देश है कि वह सुनिश्चित करे कि बारिश से पहले सभी इमारतों में रेन वॉटर हार्वेस्टिंग प्लांट लग जाए। जहां लगा है वहां उसको चालू रखने का इंतजाम किया जाए। इस बार सरकार बारिश का बूंद-बूंद बचाएगी।