सीबीआई कोर्ट में यमुना एक्सप्रेस-वे के जमीन घोटाले के आरोपी की जमानत अर्जी पर बहस पूरी हो गई। सीबीआई जज अमितवीर सिंह ने अर्जी पर बृहस्पतिवार तक फैसला सुरक्षित रख लिया।
जून 2018 में ग्रेटर नोएडा के कसाना थाने में यमुना एक्सप्रेस वे की जमीन को लेकर हुए 126 करोड़ रुपये के घोटाले में केस दर्ज हुआ था। इस मामले में प्राधिकरण के पूर्व सीईओ पीसी गुप्ता और अजीत पाल सिंह समेत अन्य आरोपियों से समझौता कराने के लिए सीबीआई के इंस्पेक्टर वीरेंद्र सिंह राठौर, एएसआई सुनील दत्त और तहसीलदार रणवीर सिंह पर साठगांठ करने का आरोप है।
आरोप है कि इन लोगों ने इस काम के लिए 22 लाख रुपये की डिमांड की थी। अजीत को जमानत दिलाने के लिए उसके वकीलों ने कुछ दिन पहले कोर्ट में जमानत अर्जी दाखिल की थी। जिस पर बुधवार को दोनों पक्षों वकीलों ने अपनी-अपनी दलील पेश की। सुनवाई के बाद कोर्ट ने बृहस्पतिवार तक के लिए फैसला सुरक्षित रख लिया।