पिछले 17 दिनों से शीतलहर की चपेट में दिल्ली की सर्दी ने सोमवार को 119 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया। पूरे दिन अधिकतम पारा 9.5 डिग्री सेल्सियस से ऊपर नहीं जा पाया। कुछ यही हाल एनसीआर के अन्य शहरों फरीदाबाद, गुरुग्राम व नोएडा का रहा। दिनभर सूरज घने कोहरे की चादर में छिपा रहा। इसके चलते दिल्ली-एनसीआर में दृश्यता सीमा शून्य रही। तेज सर्द हवाओं और कोहर ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया। सड़कों पर लाइट जलाए वाहन रेंगते नजर आए।
दिल्ली में लोदी रोड पर न्यूनतम तापमान 2.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि आया नगर में 2.5, सफदरजंग में 2.6 और पालम में 2.9 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विशेषज्ञ कुलदीप श्रीवास्तव ने बताया कि दिन का तापमान सामान्य दिनों की अपेक्षा 50 फीसदी कम रहा। पिछले 119 वर्षों में दिसंबर का अब तक का सर्वाधिक ठंडा दिन सोमवार रहा। आया नगर में अधिकतम तापमान 7.8 डिग्री, रिज में 8.4, पालम में 9 व लोदी रोड इलाके में 9.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
पिछले 22 वर्षों के दौरान दिसंबर में पहली बार दिल्ली का न्यूनतम 3 डिग्री सेल्सियस के इर्द गिर्द रहने के साथ-साथ शीतलहर का कहर बरकरार है। अधिकतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से कम रहने की वजह से अधिकतर लोग घरों में दुबके रहे। दफ्तर जाने वाले लोगों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ा। सुबह पार्कों व सड़कों पर घूमने वालों की संख्या काफी रही और दिन में जिन्हें बेहद जरूरी काम था, वे सर्दी से बचाव के पूरे इंतजाम के साथ बाहर निकले।