यमुना एक्सप्रेसवे मध्य दिसंबर के बाद तीन दिन के लिए वनवे रहेगा। एनएचएआई इसके ऊपर जगनपुर अफजलपुर के पास ईस्टर्न पेरिपेरल के लिए फ्लाईओवर बनाएगा। इस दौरान एक्सप्रेसवे पर वाहनों की आवाजाही सामान्य रखने के लिए डायवर्जन प्लान बनाया जाएगा।
एक्सप्रेसवे को तीन दिन के लिए वनवे करने के मसले पर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अधिकारी सोमवार को यमुना प्राधिकरण के एसीईओ अमरनाथ उपाध्याय से मिले। उनको इस बारे में जानकारी दी। एसीईओ ने (एनएचएआई) के अधिकारियों से कहा कि एक्सप्रेसवे पर काम शुरू करने से कम से कम 15 दिन पहले लिखित प्रस्ताव दे दें, जिससे कि ट्रैफिक डायवर्जन का सही तरीके से प्लान बनाया जा सके। साथ ही सुरक्षा के उपाय किए जा सकें और लोगों को इसकी जानकारी दी जा सके।
एनएचएआई के अधिकारियों ने बताया कि पूरा एक्सप्रेसवे बंद करने के बजाय एक तरफ के एक्सप्रेसवे को बंद किया जाएगा। दूसरी तरफ का एक्सप्रेसवे से चालू रहेगा, ताकि वाहनों की आवाजाही न रुके। एनएचएआई के अधिकारियों ने बताया कि फ्लाईओवर बनाने की तैयारी पहले ही कर ली जाएगी। इन तीन दिनों में पहले से तैयार गार्डर को स्लैब पर रखने का काम किया जाएगा। इससे वाहन चालकों को दिक्कत नहीं होगी।
फिर बन रहा लूप का प्लान
ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे को यमुना एक्सप्रेसवे को जोड़ने की पूर्व में बनी योजना पर फिर से चर्चा शुरू हो गई है। एनएचएआई अब तक यमुना प्राधिकरण से फ्री में जमीन और इसे बनाने का खर्च जेपी कंपनी से मांग रहा था, लेकिन कई दौर की चर्चा के बाद अब इस पर सहमति बनती दिख रही है कि यमुना प्राधिकरण जमीन अधिग्रहण की दर व कुछ अन्य खर्च को जोड़कर कम से कम कीमत पर जमीन उपलब्ध करा दे। इसे बनाने का खर्च एनएचएआई वहन कर लेगा। एनएचआई इस मसले पर जल्द ही अपने उच्चाधिकारियों की बैठक कर निर्णय लेगा। इस मसले पर यमुना प्राधिकरण में आज (मंगलवार को) भी बैठक प्रस्तावित है।
जुड़े तो कई राह हो जाएगी आसान
जानकारों का मानना है, कि अगर यमुना एक्सप्रेसवे और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे आपस में जुड़ जाते हैं तो इससे सोनीपत, बागपत, गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर, फरीदाबाद और पलवल से आने-जाने वाले वाहन यमुना एक्सप्रेसवे से जुड़े जाएंगे। इसी तरह यमुना एक्सप्रेसवे के यात्री इस ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे का सफर कर सकेंगे।
यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में प्रस्तावित एयरपोर्ट, बस अड्डा, मेट्रो को देखते हुए भी दोनों एक्सप्रेसवे को जोड़ना जरूरी है। इसके अलावा भविष्य में ईस्टर्न पेरिफेरल के साथ ही पेरिफेरल ट्रेन बनाने पर भी चर्चा हो सकती है। उसका भी लोगों को लाभ मिल सकेगा।