त्योहार से ठीक पहले जेवर में पकड़े गए करीब 1200 किलो कथित मिलावटी पनीर का मामला सियासी अखाड़े में पहुंच गया है। शुक्रवार रात जेवर छोटा टोल प्लाजा पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने पनीर जब्त किया था। शनिवार को भाजपा नेता, पूर्व केंद्रीय मंत्री और पूर्व सांसद व पूर्व केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान ने कार्रवाई को कठघरे में खड़ा करते हुए जेवर थाना परिसर में धरने पर बैठ गए।
संजीव बालियान ने पुलिसकर्मियों पर अभद्रता का आरोप लगाया। मामले में दो पुलिसकर्मियों की जांच शुरू कर दी गई है। इससे पहले पुलिस कार्रवाई के बाद भभोखरा गांव के पूर्व प्रधान प्रेमवीर चौधरी ने पनीर मालिक के समर्थन में ग्रामीणों के साथ शनिवार सुबह से ही थाने पर जुटकर कार्रवाई का विरोध शुरू कर दिया। इस बीच दोपहर साढ़े तीन बजे पूर्व सांसद संजीव बालियान पहुंचे। पूर्व सांसद के आते ही माहौल गरमा गया। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई को गलत बताते हुए कहा कि यह पनीर नकली नहीं, बल्कि असली है।
पुलिस व खाद्य विभाग ने बिना जांच रिपोर्ट के कार्रवाई की है। कार्रवाई के विरोध में थाना परिसर में संजीव बालियान के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्रवाई में शामिल खाद्य सुरक्षा विभाग अधिकारी और पुलिस कर्मियों को सस्पेंड करने की मांग की गई। संजीव बालियान ने पुलिस पर अभद्रता का आरोप लगाया है।
चौकी इंचार्ज समेत अन्य पुलिस कर्मियों की जांच शुरू कर दी गई है। जांच के बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
- राजीव नारायण मिश्रा, संयुक्त आयुक्त
पनीर से आ रही थी बदबू, कराया नष्ट
खाद्य विभाग के अफसरों ने बताया कि शुक्रवार रात जेवर टोल प्लाजा पर 1200 किग्रा पनीर पकड़ा गया था। उससे बदबू आ रही थी। अलीगढ़ से पनीर दिल्ली जा रहा था। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वो दिल्ली में सप्लाई करने जा रहे थे। वहां 200 रुपये प्रति किग्रा की दर से पनीर को बेचा जा रहा था। कार्रवाई के दौरान कुछ असामाजिक तत्वों ने पुलिसकर्मियों के साथ बहसबाजी भी की थी।