अगले कुछ दिनों में ओखला बैराज पर लगने वाले जाम से छुटकारा मिल जाएगा। नोएडा को दिल्ली से जोड़ने वाला यमुना ब्रिज बनकर तैयार हो गया है। अब इसे हरीझंडी मिलने का इंतजार किया जा रहा है। प्राधिकरण ने 20 जनवरी को इसके खुलने की संभावना जताई है। वहीं, यमुना पर बनाया गया नया ब्रिज शनिवार को दूधिया रोशनी से जगमगा उठा।
फिलहाल, नोएडा से दक्षिणी और बाहरी दिल्ली के बीच सीधी कनेक्टिविटी के लिए पुराना ओखला बैराज ब्रिज और डीएनडी फ्लाईओवर ही विकल्प है। इन दोनों ही ब्रिज पर ट्रैफिक का भारी दबाव रहता है। खासकर ओखला बैराज के पुराने ब्रिज पर लोगों को लंबा जाम झेलना पड़ता है। यमुना पर नया ब्रिज शुरू होने के बाद जाम की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है। इसके बनने से आगरा कनाल के रास्ते फरीदाबाद-नोएडा के बीच आवाजाही भी आसान होगी। हालांकि, 119.95 करोड़ रुपये की लागत से बनाए गए 617 मीटर लंबे इस ब्रिज को पिछले साल नवंबर में ही जनता को समर्पित किया जाना था, लेकिन निर्माण कार्य में देरी के कारण ऐसा नहीं हो पाया।
साढ़े चार साल लगे बनने में
यमुना पर नया ब्रिज बनने करीब साढ़े चार साल लग गए। इस प्रोजेक्ट पर 12 अगस्त 2014 को काम शुरू किया गया था। इस बीच कई बार प्रोजेक्ट की डेडलाइन मिस हुई। इस बीच पुराने ओखला बैराज और नए ब्रिज के बीच में मेट्रो कॉरीडोर बनकर तैयार हो गया हो गया और मेट्रो चलने भी लगी, लेकिन नए ब्रिज का इंतजार बढ़ता गया।
आगे की बाधा नहीं हुई दूर
इस ब्रिज के शुरू होने के बाद भी नोएडा-दिल्ली के बीच आवाजाही करने वाले लोगों की परेशानी बरकरार रहेगी। दिल्ली की सरहद में कालिंदी कुंज क्रॉसिंग पर वाहनों का बेतहाशा दबाव बढ़ जाएगा। ऐसे में ब्रिज शुरू होने से पहले ही प्राधिकरण जाम से निपटने का खाका तो तैयार किया, लेकिन इस बाधा को दूर करने के लिए जमीनी स्तर पर काम शुरू नहीं हुआ है। प्राधिकरण की योजना के मुताबिक नए ब्रिज को अंडरपास, क्लोवरलीफ और फ्लाईओवर के जरिये दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों से जोड़ने की योजना है।
नया ब्रिज बनकर तैयार है। 20 जनवरी इसके शुरू होने की संभावित तिथि तय की गई है। ब्रिज पर वाहनों का संचालन शुरू होने के बाद निश्चित तौर पर जाम से बड़ी राहत मिलेगी।
-राजीव त्यागी, महाप्रबंधक-नोएडा
यमुना ब्रिज प्रोजेक्ट
ब्रिज की लंबाई 617.80 मीटर
अनुमानित लागत 119.95 करोड़
डेडलाइन 30 नवंबर 2018