यमुना बॉयोडायवर्सिटी पार्क रंग-बिरंगी तितलियों से गुलजार होने लगा है। वर्षों से नदारद व्हाइट अरब व पेटेंट लेडी प्रजाति की तितलियां भी दिल्ली के सातों बायोडायवर्सिटी पार्क की रौनक बढ़ा रही हैं।
तितलियों पर मुग्ध होकर हिमालय रेंज के पक्षी भी इन दिनों पार्क में पहुंचने लगे हैं। इनमें मुख्य रूप से दुग्धराज, रेड ब्रेस्टेट और भरडिटेर फ्लाई कैचर पक्षी शामिल हैं। हालांकि यमुना किनारे आम तौर पर दिखने वाली ब्लू टाइगर, ट्रेनिड एगफ्लाई इन पार्कों से रूठ गई हैं।
दिल्ली विकास प्राधिकरण के यमुना डायवर्सिटी पार्क इन दिनों तितलियों का बसेरा बनते जा रहे हैं। इनके रखरखाव और मुख्य भोजन के लिए कंजरवेटरी का भी निर्माण किया गया है। दिल्ली में अमूमन 115 तितलियों की प्रजाती देखने को मिलती हैं।
पार्क के इंचार्ज फैयाज कुदसर ने बताया कि रविवार को सातों बायोडायवर्सिटी पार्क में विशेषज्ञों की टीम ने तितलियों की प्रजातियों की गिनती की। करीब दो घंटे के निरीक्षण में 19 से लेकर 49 प्रजातियों की तितलियां अलग-अलग पार्कों में देखीं गईं।
सबसे खास बात यह है कि व्हाइट अरब व पेटेंट लेडी प्रजाति की तितलियां जो अमूमन नहीं दिखतीं, उन्हें भी देखा गया। उन्होंने बताया कि तितलियां पारिस्थितिकी तंत्र में खाद्य श्रृंखला का हिस्सा होती हैं। यह पक्षियों का भोजन होती हैं। इन पर मुग्ध होकर सूखे जंगलों में रहने वाले, हिमालय क्षेत्र के अप्रवासी स्थलीय पक्षी पार्कों में पहुंचते हैं।
किस पार्क में कितनी प्रजातियां दिखीं
कीट वैज्ञानिक मोहम्मद फैजल ने बताया कि यमुना बायोडायवर्सिटी पार्क में तितलियों की 42 प्रजातियां देखी गईं। सबसे ज्यादा 49 प्रजातियां अरावली बायोडायवर्सिटी पार्क में दिखीं। इनके अलावा नीला हौज में 30, नॉर्दन रिज में 34, तिलपत वैली में 28, तुगलकाबाद बायोडायवर्सिटी पार्क में 42 और दक्षिणी दिल्ली बायोडायवर्सिटी पार्क में 19 तितलियों की प्रजातियां नजर आईं।