बिल्डर प्रोजेक्ट (ग्रुप हाउसिंग), टाउनशिप और व्यावसायिक भूखंडों का आवंटन अब 40 फीसदी रकम जमा करने पर ही होगा। अब तक यह 30 फीसदी ही था। वहीं, जमीन की पूरी किस्त पांच साल में ही देनी होगी। इससे पहले आठ साल में 16 किस्तों में पैसा देना होता था। यमुना प्राधिकरण ने मंगलवार को बोर्ड बैठक में आवंटियों के संबंध में यह कड़ा फैसला लिया।
चेयरमैन डॉ. प्रभात कुमार व सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह ने प्रेसवार्ता में बताया कि नोएडा-ग्रेनो में पहले बिल्डरों को 10 फीसदी रकम पर जमीन आवंटित कर दी गई थी। इससे तमाम ऐसे बिल्डरों ने जमीन ले ली जो प्रोजेक्ट बनाने की स्थिति में नहीं थे। इससे खरीदारों का पैसा फंस गया। अब 40 फीसदी रकम जमा करने पर ही जमीन आवंटित होगी। साथ ही, पांच साल में पूरी किस्तें जमा करनी होगी। इन दोनों फैसलों से वही लोग यहां जमीन लेंगे, जो वास्तव में प्रोजेक्ट बनाना चाहते हैं। इससे प्रोजेक्ट के फंसने के संभावना बहुत कम रहेगी। बकाया किस्त जमा करने के लिए आठ साल का समय अधिक था, इसलिए इसे पांच साल किया गया है और 10 किस्तों में भुगतान करना होगा। यह फैसला सभी के लिए किया गया है।
हालांकि, बिल्डर प्रोजेक्ट, टाउनशिप और व्यावसायिक भूखंडों को छोड़कर बाकी सभी संपत्तियों के लिए आवंटन राशि 30 फीसदी ही है। पंजीकरण राशि भी 10 फीसदी ही रहेगी। अभी यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में करीब 30 हजार आवंटी हैं।