यमुना प्राधिकरण में 126 करोड़ के घोटाले के मामले में एसएसपी वैभव कृष्ण ने जांच की सुपुर्दगी सीबीआई को देने के लिए डीजीपी को पत्र लिखा है। दरअसल, इस मामले में शासन ने सीबीआई को जांच करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद गृह मंत्रालय ने केस से संबंधित दस्तावेज भी मंगा लिए थे लेकिन जांच अब तक पूरी तरह सीबीआई को स्थानांतरित नहीं हो पाई है।
यमुना प्राधिकरण के चेयरमैन प्रभात कुमार ने 126 करोड़ के घोटाले की गहनता से जांच कराने के बाद कासना कोतवाली में केस दर्ज कराने का आदेश दिया था। इसके बाद जांच में ढुलमुल रवैया देखने के बाद शासन को शिकायत की गई थी। जिसके बाद केस में पूर्व सीईओ आईएएस पीसी गुप्ता की गिरफ्तारी की गई थी। इसके बाद एक बार फिर केस की जांच ठंडी पड़ गई।
फिर सीओ निशांक शर्मा के जांच संभालने के बाद जांच में तेजी आई और एक के बाद एक चार गिरफ्तारियां की गईं। ये गिरफ्तारियां इस केस में नामजद बड़े अधिकारियों व नामों की तुलना में काफी छोटी थीं। इनमें से एक की गिरफ्तारी पर इसलिए सवाल उठ रहे हैं कि उसे कोर्ट जमानत मिल चुकी है।
अब, इस केस में सीबीआई के इंस्पेक्टर के रिश्वत लेते पकड़े जाने और उससे मिली जानकारी के आधार पर तत्कालीन जांच अधिकारी सीओ निशांक शर्मा को मुख्यालय ले जाकर पूछताछ करने व उनके दोनों मोबाइल कब्जे में लेने के बाद एसएसपी ने सीबीआई को जांच सुपुर्दगी के लिए डीजीपी को पत्र लिखा है।
अभी इस मामले की जांच जिला पुलिस के पास ही है। केस की जांच जारी है लेकिन जांच सीबीआई के सुपुर्द करने के लिए डीजीपी को पत्र लिखा गया है।
- वैभव कृष्ण, एसएसपी, गौतमबुद्ध नगर