लंबे इंतजार के बाद युवराज सिंह एक बार फिर रिंग में वापस आ गए हैं। 2010 में हुए ऑपरेशन के बाद युवराज ने वापसी की उम्मीद छोड़ दी थी। लेकिन दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल ने किया ऐसा चमत्कार कि बदल गई उनकी जिंदगी।
असल में उनके कंधे की हड्डी खिसक गई थी जिसके कारण 24 साल के युवराज बेहद निराश हो गए थे। चोट इतनी गंभीर थी कि वह अपना हाथ भी बमुश्किल उठा पाते थे।
चार साल में दो आपरेशन कराने के बाद युवराज ने जोरदार वापसी कर साबित कर दिया कि काई भी चोट उन्हें उनके खेल से दूर नहीं कर सकती।
उनकी वापसी भी जोरदार रही। रिंग में उतरते ही उन्होने दो प्रतियोगिताएं जीत ली जिसमें राज्य स्तर की फ्री स्टाइल रेसलिंग चैंपियनशिप का खिताब भी शामिल है।
युवराज का कहना है कि पंजाब के डाक्टर ने उन्हें रेसलिंग हमेशा के लिए छोड़ देने का सुझाव दिया था। डाक्टर के मुताबिक युवराज के कंधे की चोट ऐसी नहीं थी कि वह फिर से खेलने का रिस्क ले सकते।
हमेशा के लिए गंवा सकते थे हाथ
ऐसा करने से वह अपना हाथ हमेशा के लिए गंवा सकते थे। लेकिन युवराज ने हार नहीं मानी। रिंग में वापसी के उनके सपने को सफदरजंग के डाक्टरों ने सच कर दिखाया।
युवराज सफदरजंग हास्पिटल के डाक्टरों की मदद से दुबारा रिंग में वापस आए और इसके लिए उन्होंनेन डाक्टर का आभार व्यक्त किया।
पिछले चार साल में युवराज के कंधे की हड्डी की दो बार ऐरथोस्कोपी हो चुकी है। फिलहाल वह अपना स्वाभाविक खेल जारी रख सकने की स्थिती में हैं।
सीनियर आरथोपेडिक सर्जन और सेंटर के डायरेक्टर, डाक्टर दीपक चौधरी ने कहा कि सफदरजंग में आने से पहले युवराज अपना हाथ भी बमुश्किल उठा पाते थे। युवराज शोल्डर डिसलोकेशन की परेशानी से जूझ रहे थे।
रेसलरर्स के साथ अक्सर यही समस्या आती है। हमने उनका आपरेशन किया और टिनी कैमरे जिसे ऐरथोस्कोप कहा जाता है की मदद से कंधे के आस-पास की मसल को जोड़ गया। इसके बाद छः महीने के लगातार फिजीयोथैरिपी और व्यायाम की सहायता से युवराज रिंग में वापस आ पाए।
कम पैसे में संभव है महंगा इलाज
डाक्टर चौधरी ने कहा कि पहले ज्यादातर खिलाड़ी अपना इलाज करने विदेश चले जाते थे या प्राइवेट अस्पताल का सहारा लेते थे। जो खिलाड़ी यह खर्च नहीं उठा पाते थे वह खेल छोड़ने को मजबूर होते थे।
सफदरजंग जैसे सरकारी अस्पताल यही सुविधाएं कम पैसे पर लोगों को दे रहे हैं जो उभरते खिलाड़ियों के लिए उपयोगी साबित हो सकते हैं।
सफदरजंग हास्पिटल का अपना स्पोर्ट्स इंजरी सेंटर है जो जिम की सुविधा भी देता है। इसकी मदद से खिलाड़ी विभिन्न तरह के व्यायाम करते हैं जो जल्दी ठीक होने में उनकी मदद करता है।
डाक्टर का कहना है कि यहां टेनिस खिलाड़ी कोहनी और हाथ की चोट को लेकर आते है जबकि फुटबाल के खिलाड़ी जांघ और पैर की मांसपेशियों की परेशानी के साथ आते हैं।