परिवहन विभाग अब डीएल की होम डिलीवरी कंप्यूटर एड्रेस लिखे लिफाफों से कराएगा। आवेदकों के हाथ के लिखे पते के 50 फीसदी डीएल डाक विभाग वापस लौटा रहा है। इन पर अपूर्ण या अपठनीय एड्रेस लिखकर वापस कर दिया जाता है।
डीएल न मिलने पर शिकायत आरटीओ की होती है। अब पासपोर्ट की तर्ज पर डीएल की डिलीवरी कराई जाएगी। इसके लिए आरटीओ आफिसों में डाक विभाग का काउंटर खोला जाएगा।
स्मार्ट डीएल के आवेदन के साथ टिकट लगे लिफाफे लगाने होते हैं, इन पर आवेदक अपना एड्रेस लिखता है। डीएल के समय से न पहुंचने से परेशान आवेदक इसकी शिकायत टोलफ्री नंबर पर करते हैं, जिसकी जांच लखनऊ से शुरू होती है।
ऐसे में अफसरों को बेवजह कई जगह सफाई देनी होती है। जबकि इसमें परिवहन अफसरों की गलती नहीं होती है। डाक विभाग अपूर्ण या अपठनीय एड्रेस के चलते इनको वापस लौटा देता है।
ट्रांसपोर्ट कमिश्नर ने अब आरटीओ-एआरटीओ आफिसों में पोस्टल काउंटर खुलवाने के आदेश दिए हैं। यहां पर लिफाफों पर कंप्यूटर से एड्रेस लिखा जाएगा, जोकि स्पष्ट और पूर्ण होगा। ऐसे में आवेदकों को समय पर डीएम प्राप्त हो सकेंगे।