एम्स में कीमो लेने वाले आधे मरीज बच्चे
एम्स में कैंसर से बचने के लिए कीमोथैरेपी लेने वाले मरीजों में सबसे ज्यादा संख्या बच्चों की है। आंकड़ों के अनुसार साल 2016 में 14034 और 2017 में 16,357 मरीजों को कीमोथैरेपी दी गई। इनमें से बच्चों की संख्या क्रमश: 8198 और 8603 संख्या रही है। एम्स के वरिष्ठ कैंसर विशेषज्ञ का कहना है कि बच्चों में कैंसर के मामले बढ़े हैं। कम उम्र में सर्जरी नहीं की जा सकती। इसलिए कीमो में बच्चे ज्यादा हैं।
नेपाल के कैंसर का इलाज कर रहा एम्स
एम्स में पड़ोसी देशों के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। इनमें सर्वाधिक नेपाल के कैंसर मरीज शामिल हैं। पिछले दो वर्ष में एम्स में नेपाल के 90, अफगानिस्तान के 12 और बांग्लादेश के 8 कैंसर पीड़ित भर्ती हुए हैं।
फेफड़ों में कैंसर के मरीज भी बढ़े
एम्स के वरिष्ठ डॉक्टर ने बताया कि पिछले कुछ वर्ष में फेफड़ों के कैंसर में तेजी आई है। एम्स में इस समय 2653 कैंसर मरीजों का उपचार चल रहा है। उन्होंने बताया कि सालाना 450 से ज्यादा नए कैंसर मरीज अकेले एम्स में ही दर्ज हो रहे हैं। वहीं दिल्ली कैंसर रजिस्ट्री के अनुसार देश की राजधानी के पुरुषों में फेफड़ों, जीभ और पौरुष ग्रंथि का कैंसर और महिलाओं में स्तन, गर्भाश्य और अंडाश्य कैंसर ज्यादा है।