आयोजन केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के सहयोग से नेशनल बुक ट्रस्ट (एनबीटी) कर रहा है। ये मेला भारत की आजादी के 75 वर्ष पूरे होने के अवसर पर भारतीय सैन्य इतिहास और शौर्य एवं प्रज्ञा 75 थीम से जुड़ा है, जो देश की सांस्कृतिक, बौद्धिक विरासत और सामरिक शक्ति को रेखांकित करेगा। इसके अलावा राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् के 150 साल पूरे होने का भी जश्न मनाया जाएगा।
अंतरराष्ट्रीय स्तर की भी भागीदारी
मेले में अंतरराष्ट्रीय स्तर की भागीदारी रहेगी। अलग-अलग देशों की किताबें, अनुवादित साहित्य और विदेशी प्रकाशकों के स्टॉल भी देखने को मिलेंगे। इससे पाठकों को वैश्विक साहित्य से सीधे जुड़ने का मौका मिलेगा। इसके अलावा थीम मंडप, बाल मंडप, नई दिल्ली पाइट्स टेबल, लेखक मंच और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे।
हर उम्र के पाठकों के लिए कुछ खास रहेगा
भारत मंडपम में इस बार प्रवेश, सुरक्षा, बैठने की व्यवस्था और सूचना काउंटरों पर विशेष ध्यान दिया गया है। बच्चों, बुजुर्गों और दिव्यांग पाठकों की सुविधा को भी ध्यान में रखा गया है। यह मेला केवल किताबों की खरीद-बिक्री तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह पढ़ने, सोचने और संवाद का उत्सव होगा, जहां हर उम्र के पाठकों के लिए कुछ न कुछ खास मिलेगा।