फोन कॉल डिटेल जांच करने पर पता चला कि एक आरोपी ने लालू के फोन के जरिये अपने पिता से बात की है। पुलिस की टीम गोरखपुर स्थित आरोपी के घर पहुंची।
जहां पता चला कि उसका नाम संजय है और वह दिल्ली में ही मौजूद है। उसके बाद पुलिस ने कई मजदूरों से पूछताछ कर संजय को ढांसा बार्डर के पास से गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी ने बताया कि वह लालू के साथ पंजाब के खेतों में काम करता था। पंजाब में कटाई हो जाने के बाद वह लालू और एक अन्य मजदूर राजेश के साथ दिल्ली आ गया। 30 मार्च को संजय व राजेश को काम करने के एवज में एक हजार रुपये मिले।
लालू ने दोनों को ढाई सौ रुपये दे दिये, जबकि खुद पांच सौ रुपये रख लिया। संजय ने इसका विरोध किया तो लालू ने उसे थप्पड़ मार दिया। उसके बाद संजय ने राजेश के साथ मिलकर रात में लालू के सिर पर ईंट से हमला कर फरार हो गया।