इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र
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अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस को लेकर बुधवार को नई दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र में तीन दिवसीय दिव्य प्रकृति पर्व कार्यक्रम का उद्घाटन पद्मश्री फूलबासन बाई यादव ने किया। इस दौरान सुप्रसिद्ध सोलो ट्रैवलर कायनात काजी भी मौजूद थीं। नारी संवाद प्रकल्प की परियोजना निदेशक डॉ सुषमा ने बताया कि तीन दिवसीय कार्यक्रम में व्याख्यान, कार्यशाला, संगोष्ठी, प्रदर्शनी एवं सांस्कृतिक प्रस्तुति आदि आकर्षण का केंद्र होंगे।
उद्घाटन के दौरान फूलबासन बाई यादव ने अपने जीवन से जुड़े कुछ अहम पलों को साझा किया। कहा कि भूख और गरीबी से सबक लेते हुए जब उन्होंने संकल्प लिया तो आज स्थिति यह है कि अभी उनका एनजीओ दो लाख सदस्यों वाला है। इसकी शुरुआत नौ महिलाओं ने दो मुट्ठीभर चावल जमा करके की थी। अगर आप अच्छा करेंगे तो समाज भी साथ देता है।
छत्तीसगढ़ निवासी फूलबासन बाई यादव मां बिमलेश्वरी जनहितकारी समिति की संस्थापक हैं। महिला एवं बाल कल्याणकारी कार्यों के लिए भारत सरकार ने उन्हें पद्मश्री से नवाजा है। कार्यक्रम का पहला दिन महात्मा गांधी एवं कस्तूरबा गांधी को समर्पित रखा गया। इसके तहत गांधी, प्रकृति और नारी विषय पर केंद्रित संगोष्ठी व महात्मा गांधी के जीवन पर आधारित कठपुतली शो का आयोजन किया गया।
दिव्य संगीत सत्र में सुजाता सिंघी ने म्यूजिक थेरेपी कार्यशाला ली। सांस्कृतिक कार्यक्रम के तहत गुरु शमा भाटे व टीम ने कस्तूरबा गांधी के जीवन पर आधारित ‘पीड़ पराई जाने रे...’ की प्रस्तुति दी।
बृहस्पतिवार को पर्व के दूसरे दिन यात्रा कथन सत्र में मदर्स ऑफ व्हील्स की संस्थापक सदस्य माधुरी सहस्रबुद्धे अपनी 22 देशों की यात्रा के संस्मरण साझा करेंगी। इसके बाद निधि पांडे स्वस्थ जीवन के लिए पोषण विषय पर आधारित कार्यशाला में महिलाओं को जानकारी देंगी।