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मर्दों के दबदबे वाले इस पेशे में देखिए 'मोदी के शहर' की महिलाओं का हुनर

Tue, 25 Apr 2017 01:09 PM IST
जितेंद्र राठी/अमर उजाला, गुरुग्राम
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र की महिलाएं गुरुग्राम में टोल टैक्स वसूलेंगी। एनएच-8 (दिल्ली-जयपुर) खेड़कीदौला टोल प्लाजा पर महिलाएं टोल वसूलने के साथ वाराणसी की संस्कृति का परिचय भी देंगी। खेड़कीदौला टोल पर बतौर पायलट प्रोजेक्ट सोमवार से इसकी शुरूआत हो चुकी है। 11 महिलाओं को टोल बूथ पर लगाया गया है। खास बात यह है कि इन महिलाओं को मोदी के कौशल विकास कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षित किया गया है।
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वाराणसी के चौबेपुर स्थित संकट मोचन महाविद्यालय की 11 छात्राओं को एक सप्ताह यहां खेड़की दौला टोल प्लाजा पर ट्रेनिंग के लिए भेजा गया था। इस दौरान यहां कार्यरत पुरुष टोल कलेक्टर द्वारा इन्हे टोल कलेक्शन की ट्रेनिंग दी गई। सोमवार से इन महिलाओं ने टोल बूथ पर व्यक्तिगत तौर पर काम करना शुरू कर दिया है। ट्रेनिंग के दौरान वाराणसी से आई एक एजेंसी ने महिलाओं के कामकाज व उनके लिए सुविधाओं व व्यवस्थाओं का आकलन भी किया। दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण विकास कौशल योजना(डीडीवीजीकेवाई) के तहत इन्हे यहां काम करने का मौका दिया गया है। इनके रहने व खाने की जिम्मेदारी टोल कंपनी मिलेनियम सिटी एक्सप्रेसवे प्राइवेट लिमिटेड (एमसीईपीएल) की ओर से की गई है।
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टाइम टेबल किया गया निर्धारित: टोल एजेंसी के अधिकारियों के अनुसार, खेड़की दौला टोल पर 22 टोल बूथ वर्किंग में हैं। जिनमें से 11 बूथ पर यह महिलाएं डयूटी निभाएंगी। डयूटी टाइम दिन के समय सुबह 8:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक होगा। लंच के लिए एक घंटे का ब्रेक दिया जाएगा। इसके अलावा 15-15 मिनट का दो बार ब्रेक दिया जाएगा। 

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15 और महिला टीसी मिलेंगी टोल प्लाजा को: खेड़की दौला टोल प्लाजा को एक सप्ताह के अंदर 15 और महिला टोल कलेक्टर मिलने जा रही हैं। जिसके बाद यहां महिला टीसी की संख्या बढ़कर 26 हो जाएगी। धीरे-धीरे सभी बूथों पर महिला कर्मी काम करती नजर आएंगी।
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क्या होगा फायदा: एनएच-8 पर पडने वाले इस टोल प्लाजा पर अक्सर टोल देने को लेकर मारपीट व कहासुनी की वारदातें सामने आती रही हैं। ऐसे में महिला टोल कलेक्टर बूथ पर होने से लोग उनके साथ सलीके से पेश आएंगे और उनसे झगड़ा करने से भी बचेंगे। वहीं महिला टीसी भी वाहन चालकों से व्यहारिक तरीके से पेश आएंगी, जिससे टोल बूथ पर मारपीट जैसे मामलों में भी कमी आएगी। टोल बूथ पर लगे सीसीटीवी कैमरे भी ऐसी घटनाओं पर नजर रखेंगे, जिससे वाहन चालक भी महिलाओं के साथ दुव्र्यहार करने से बचेंगे। टोल पर महिला कर्मियों को काम मिलने से महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलेगा। वाहन चालकों के व्यवहार में भी बदलाव आएगा। लोग महिलाओं से तमीज के साथ पेश आएंगे। एक सप्ताह में 15 और महिला कर्मचारी कंपनी को मिल जाएंगी। -पीयूष गांधी, टोल मैनेजर, एमसीईपीएल, खेड़की दौला, गुरुग्राम
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