डीटीसी बस में सफर करतीं महिलाएं
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कोरोना संक्रमण से सुरक्षा के लिए 14 सितंबर से डीटीसी बसों में मोबाइल के जरिये कांटेक्टलेस टिकटिंग की संभावनाएं तलाशने के लिए ट्रायल किया जाएगा। परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने इसके लिए एक टास्क फोर्स गठित की है ताकि यात्रियों की सुरक्षा के साथ साथ इसे लागू करने से संबंधित सभी पहलुओं पर गौर कर, जल्द अमली जामा पहनाया जा सके। 14 से 21 सितंबर के बीच हसनपुर और गाजीपुर डिपो से रूट नंबर-534 पर रवाना होने वाली 29 बसों में यह ट्रायल किया जाएगा। इनमें 25 नॉन एसी जबकि चार एसी बसें होंगी।
मोबाइल एप के जरिये जारी किए जाने वाले कांटेक्टलेस टिकट महिलाएं भी इसी एप से ले सकेंगी। महिलाओं को बसों में पिंक टिकट पर मुफ्त सफर की सुविधा का लाभ भी एप से मिल सकेगा। इसके बस की सीटों पर क्यू आर कोड होंगे ताकि यात्री उसे स्कैन कर कांटेक्टलेस टिकट खरीद सकें।
इससे न तो यात्रियों को न तो टिकट के लिए कंडक्टर के पास जाना होगा और न ही नकद लेन देन में संक्रमण का कोई खतरा रहेगा। परिवहन विभाग की ओर से ट्रायल के दौरान यात्रियों से मिलने वाले फीडबैक और व्यवस्था की निगरानी के लिए डीटीसी की चेकिंग टीमें भी ट्रायल के दौरान बसों में मौजूद पहुंचेंगी।
इससे पहले क्लस्टर बसों में ट्रायल किया गया है, जिसमें 95 फीसदी से अधिक यात्रियों ने इसपर संतुष्टि जताते हुए कांटेक्टलेस टिकटिंग पर अपनी सहमति जताई है।