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हिंदी रंगमंच दिवस : थिएटर से स्क्रीन तक जुनून से चमकीं महिलाएं

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हिंदी रंगमंच आज टीवी से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म तक जमा चुका अपनी जड़
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ज्योति कार्की

नोएडा। हिंदी रंगमंच आज टीवी, वेब सीरीज और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म तक अपनी जड़ जमा चुका है। हिंदी रंगमंच दिवस के मौके पर ऐसी महिलाओं के सफर को जानेंगे, जिन्होंने थिएटर से शुरुआत कर अभिनय की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई और बदलते दौर के साथ खुद को ढाला। उन्होंने अपनी मेहनत और जुनून से साबित कर दिया कि चाहने से सबकुछ मुमकिन है।




सुनीता ने शादी के बाद शुरू किया थिएटर

सेक्टर-62 की 50 वर्षीया सुनीता रावत का सफर रंगमंच के प्रति जुनून की मिसाल है। सुनीता ने शादी के बाद 22 साल की उम्र में छह महीने का एक्टिंग कोर्स किया। इसके बाद उन्होंने थिएटर, नुक्कड़ नाटक, मॉडलिंग और टीवी सीरियल्स में काम किया। दूरदर्शन के कार्यक्रमों में भी उनकी सक्रिय भागीदारी रही। वह एक महिला ग्रुप के साथ मिलकर सामाजिक विषयों पर प्रस्तुतियां देती हैं।
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स्वेता ने किया माया नगरी तक का सफर

सेक्टर-12 की स्वेता गोयल 2018 में दिल्ली से एक्टिंग सीखी और 2019 में करियर की शुरुआत की। वह कहती हैं कि अब लोगों के पास इतना समय नहीं होता है कि वह कहीं जाकर को नाटक देखे। अब हर किसी के पास मोबाइल है, जिसका इस्तेमाल कर सब कुछ घर में बैठकर देखा जा सकता है। उन्होंने क्राइम पेट्रोल और सावधान इंडिया जैसे टीवी शो में काम किया है।
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कथक और थिएटर का अनूठा संगम पेश कर रही प्रीति

ग्रेटर नोएडा की प्रीति शेवारे ने कथक और थिएटर का अनूठा संगम पेश किया है। कथक में एमए और संगीत विशारद की डिग्री हासिल करने वाली प्रीति ने पद्म विभूषण पंडित बिरजू महाराज से भी प्रशिक्षण लिया है। वर्तमान में वह राजेंद्र गंगानी और संजीत गंगानी के मार्गदर्शन में अभ्यास और मंच प्रदर्शन कर रही हैं। वह दूरदर्शन की बी-ग्रेड आर्टिस्ट हैं।
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