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दिल्ली की बसों में महिलाएं पिंक पास से करेंगी मुफ्त सफर, सरकार का कैबिनेट नोट तैयार

Sun, 28 Jul 2019 07:05 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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मुफ्त सफर करती हुईं महिलाएं - फोटो : अमर उजाला
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राजधानी में डीटीसी और क्लस्टर स्कीम की बसों में मुफ्त सफर के लिए महिला यात्रियों के लिए पिंक पास देने की योजना है। बसों में महिलाओं के मुफ्त सफर के लिए कैबिनेट नोट तैयार कर लिया गया है। खास बात यह है कि बसों में महिलाओं को सिंगल जर्नी पास दिया जाएगा, जो केवल एक बस में मान्य होगा। दूसरी बस का प्रयोग करने पर महिला यात्री को कंडक्टर दूसरा पास देगा।

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सूत्रों के मुताबिक परिवहन विभाग मोटर वीकल एक्ट में दिये मुफ्त यात्रा के प्रावधान के तहत इस योजना पर काम कर रहा है। इस एक्ट में मुफ्त या रियायती दर पर सफर के लिए पास देने का प्रावधान है। चूंकि टिकट खरीदी जाती है और पास से मुफ्त या रियायती दरों पर सफर किया जाता है, इसलिए सरकार महिला यात्रियों को सिंगल जर्नी पिंक पास देने की तैयारी में है। अगर किसी महिला यात्री को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए कई बसें बदलनी पड़ती हैं तो उन्हें प्रत्येक बस में कंडक्टर द्वारा पिंक पास दिया जाएगा, जो उस बस में की गई यात्रा पूरी होने के बाद दूसरी बस में मान्य नहीं होगा।

बसों में महिलाओं के मुफ्त सफर की योजना को धरातल पर उतारने के लिए दिल्ली सरकार द्वारा तैयार किए गए कैबिनेट नोट को अगले सप्ताह कैबिनेट के समक्ष पेश किया जा सकता है। फिलहाल इस कैबिनेट नोट को लॉ और फाइनैंस डिपार्टमेंट को भेजा गया है। 
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ज्ञात हुआ है कि बसों में महिलाओं की मुफ्त यात्रा के दौरान बसों में मार्शलों की भी तैनाती होगी। इन मार्शल को महिलाओं की सुरक्षा के लिए ट्रेनिंग देनी भी शुरू कर दी गई है। डीटीसी व क्लस्टर बसों में सरकार महिलाओं को मुफ्त सफर का लाभ देने के लिए डीटीसी को सब्सिडी देगी। पास सिस्टम लागू होने से बसों में सफर करने वाली महिलाओं की संख्या के बारे में भी जानकारी हासिल की जाएगी।

वहीं बताया गया है कि दिल्ली मेट्रो और बसों में करीब 30 प्रतिशत महिला यात्री सफर करती हैं। सरकार मेट्रो, डीटीसी और क्लस्टर बसों में महिलाओं को मुफ्त सफर का तोहफा देनी वाली है। महिलाओं के मुफ्त सफर के लिए सरकार को सालाना 1400 से 1500 करोड़ रुपए का खर्च उठाना पड़ेगा, जबकि बसों में मुफ्त सफर के लिए सरकार को 225 से 250 करोड़ रुपए तक का खर्च उठाना पड़ेगा।

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