लॉकडाउन से महिला कारोबारी भी प्रभावित हैं। शनिवार को चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (सीटीआई) की महिला कारोबारियों संग वीडियो कांफ्रेंसिंग से बैठक हुई। बैठक में महिला कारोबारियों ने अपनी परेशानियों से अवगत कराया और कई सुझाव भी दिए। महिलाओं ने भी लॉकडाउन खत्म करने पर सहमति जताई।
दिल्ली में करीब दो लाख के महिला कारोबारी हैं, जो सैलून, पार्लर, बुटीक, ज्वेलरी, एजुकेशन, इवेंट कंपनी, एग्जीबिशन, ई-कॉमर्स के जरिये व्यापार करती हैं। मीटिंग में मौजूद मेकअप आर्टिस्ट मीनाक्षी दत्त का कहना था कि सैलून बंद होने से दुकान का किराया देना मुश्किल है। इसके अलावा कर्मचारियों को वेतन देना भी अब भारी पड़ रहा है।
लॉकडाउन-4 में भी सैलून और पार्लर नहीं खुलने की उम्मीद है। ऐसे में तो पूरा कारोबार ही खत्म हो जाएगा। सरकार को एक गाइडलाइन के साथ अनुमति देनी चाहिए। लहर सेठी का कहना था कि सबसे अधिक नुकसान इवेंट इंडस्ट्री को हुआ है। एजुकेशन अकादमी चलाने वाली मालविका साहनी ने कहा कि एमएसएमई की तरह महिला कारोबारियों को भी राहत पैकेज मिलनी चाहिए।
इसी तरह गरिमा नागपाल का कहना था कि सरकार को कम से कम ब्याज में लोन देने की आवश्यकता है। फिटनेस स्टूडियो चलाने वाली नमिता का कहना था कि लॉकडाउन-4 में भी फिटनेस सेंटर खुलेंगे यह उम्मीद नहीं है। ऐसे में बिजली का बिल, सैलरी और किराया देना बेहद मुश्किल हो जाएगा। बैठक में सीटीआई के कन्वीनर व आम आदमी पार्टी के नेता बृजेश गोयल ने महिला कारोबारियों के इस सुझावों को सरकार तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।