निशा ने आयोग को बताया कि उसकी मां अब्दुल नाम के एक व्यक्ति के संपर्क में थी, जो पहले से ही बच्चों की तस्करी में रह चुका है। निशा से उसकी मां ने हरियाणा में एक 62 वर्षीय व्यक्ति से शादी करने के लिए राजी करना चाहती थी, क्योंकि इसके एवज में उसे एक लाख रुपये मिलते।
इस बारे में पता चलते ही निशा ने इस बात का विरोध किया। साथ ही निशा ने अपनी मां को चेतावनी दे डाली कि अगर शादी के लिए उसे मजबूर किया गया तो इस मामले की पुलिस में शिकायत करेगी। अब्दुल वही शख्स है जिसने उसकी मां को शाहिद से मिलवाया था और उसे ही तस्करी का मास्टरमाइंड माना जा रहा है।
आयोग ने पुलिस से मांगी मामले की रिपोर्ट
पीड़िता ने कभी अपने पिता को नहीं देखा और वह अपनी मां, सौतेले पिता और चार भाई-बहनों के साथ बवाना जेजे कॉलोनी में रह रही थी। निशा ने बताया कि उसकी मां ने पिछले महीने उसके एक साल के भी मतस्करों के हाथ बेच दिया। उसकी मां कर्ज में डूबी होने की वजह से इसे चुकाने के लिए अपना बच्चा बेच दिया।
दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्षा स्वाति मालीवाल ने कहा कि दिल्ली में तस्करी बेरोकटोक जारी है, लेकिन दिल्ली पुलिस ऐसे अपराधियों पर अंकुश लगाने में नाकामयाब रही है।
उन्होंने कहा कि पुलिस में एफआईआर तो दर्ज कर ली गई है, लेकिन अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। तस्करों के साथ मां को भी गिरफ्तार किया जाना चाहिए। इस मामले में सौतेले पिता की भूमिका की सघन जांच होनी चाहिए जबकि एक साल के बेटे को बेचने के मामले की भी पड़ताल होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह बेहद दुखद है और इस मामले में पुलिस को नोटिस कर रिपोर्ट मांगी जा रही है।