कोर्ट ने झूठी शिकायत पर लगाया जुर्माना
- फोटो : Social Media
हाईकोर्ट ने सहकर्मी के खिलाफ यौन उत्पीड़न की झूठी शिकायत करने वाली महिला पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। न्यायमूर्ति जेआर मिढा ने महिला की याचिका खारिज करते हुए 50 हजार रुपये जुर्माने की राशि दिल्ली हाईकोर्ट अधिवक्ता कल्याण कोष में जमा कराने का निर्देश दिया। महिला ने अपने कार्यालय की आंतरिक शिकायत समिति के फैसले को चुनौती देते हुए कथित आरोपी के सेवानिवृत्ति लाभ रद्द करने की मांग की थी।
महिला का आरोप था कि पुरुष सहकर्मी ने 2011 में उसका यौन उत्पीड़न किया था और उससे गलत तरीके से व्यवहार किया था। कार्यालय की आंतरिक शिकायत समिति ने इस शिकायत की पड़ताल की थी। आरोपी अधिकारी ने महिला के आरोपों को खारिज किया था। मामले में आरोपी रहे अधिकारी का तर्क था कि महिला ने दुर्भावना से ग्रसित होकर उस पर आरोप लगाया था, क्योंकि उसने महिला की गैरमौजूदगी में कार्यालय का कुछ काम किया था, जो उस महिला को दिया गया था।
जांच समिति ने पाया कि शिकायत में दिए गए यौन उत्पीड़न के तथ्य साबित नहीं हो पाए। इसलिए आरोपी अधिकारी को संदेह का लाभ दिया गया था। हाईकोर्ट ने जांच समिति की टिप्पणियों के मद्देनजर महिला की याचिका खारिज कर दी है। दूसरी ओर, महिला के कार्यालय को झूठी शिकायत करने के लिए उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की छूट दी है।