भारतीय नौसेना की महिला अधिकारियों को एक बड़ी राहत देते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने उन्हें स्थायी कमीशन की मंजूरी दे दी है।
कोर्ट ने इस संबंध में कई रिटायर और सेवारत महिला अधिकारियों की दायर याचिकाओं की सुनवाई के दौरान यह इजाजत दी। अदालत ने कहा है कि ‘लैंगिक पूर्वाग्रह और सेवा पूर्वाग्रह’ को महिलाओं की तरक्की रोकने की इजाजत नहीं दी जा सकती।
अदालत ने कहा कि ‘महिलाएं यहां लंबे समय तक काम करने’ के लिए हैं और जब से वे अपने पुरुष समकक्षों के साथ ‘कंधे से कंधा मिलाकर काम’ कर रही हैं, ये ‘महिलाओं की प्रगति के किसी भी प्रयास को नियंत्रित करने जैसे होंगे।’