शाहीन बाग के प्रदर्शन में एक बार फिर सोमवार को पुलिस के बल प्रयोग की अफवाह उड़ी। बड़ी संख्या में पुलिस बल पहुंचने और लाठीचार्ज शुरू होने की अफवाह के बाद प्रदर्शनकारियों ने रणनीति के तहत सभी के हाथों में तिरंगा थमाया और इसके बाद महिलाएं पुरुषों को बचाने के लिए ढाल बन गईं।
सोमवार को प्रदर्शन के बीच में किसी ने अफवाह उड़ाई कि पुलिस ने फरीदाबाद की ओर से आने वाले रास्ते से घुसकर लाठीचार्ज शुरू कर दिया है। इसकी सूचना मिलते ही गलियों से लोगों को पुलिस का सामना करने के लिए बुलाया जाने लगा। कुछ लोग दुकानों को जबरन बंद कराने लगे। इस दौरान सैकड़ों लोग महिलाओं के साथ बेरिकेडिंग के किनारे बैठ गए। हर किसी के मोबाइल पर शाहीन बाग का माहौल जानने की उत्सुकता थी। प्रदर्शन स्थल पर जमकर शोर-शराबा हो रहा था।
कुछ देर में ही भगदड़ जैसा माहौल बन गया। मंच से लगातार लोगों से शांत रहने की अपील की जा रही थी। इसी दौरान पुलिस को रोकने की रणनीति के तहत मंच से राष्ट्रगान शुरू कर दिया गया। साथ ही महिलाओं को आगे कर उनके हाथों में तिरंगा थमा दिया गया। काफी देर तक हंगामा होने के बाद महिलाओं का जत्था बेरिकेडिंग के किनारे बैठ गया। दूसरी ओर चंद पुलिसवाले खड़े थे। वे भीड़ से शांत रहने की अपील करते दिखे।