दनकौर कोतवाली क्षेत्र की ग्रामीण महिलाओं ने नशे के खिलाफ जोरदार पहल की है। गांवों में हो रही अवैध शराब की बिक्री के विरोध में शनिवार को नवादा गांव की महिलाएं सड़क पर उतर आईं और दनकौर सिकंदराबाद रोड पर बैठकर जाम लगा दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने महिलाओं को समझाया और करीब बीस मिनट के बाद जाम खोला जा सका।
शनिवार दोपहर नवादा गांव के मौजूदा प्रधान राजे प्रधान के नेतृत्व में सैकड़ों महिलाओं व बच्चों ने गांव में अवैध शराब बेचने वाले तस्करों के कई ठिकानों पर छापा मारा। इस दौरान मौके पर मिले शराब तस्करों की जमकर धुनाई की गई, लेकिन तस्कर मौका पाकर भागने में कामयाब रहे।
इसके बाद शराब तस्कर और पुलिस की मिलीभगत का आरोप लगाते हुए महिलाओं ने कोतवाली का घेराव करके शराब तस्करों की गिरफ्तारी की मांग की। पुलिस के आला अधिकारियों से आश्वासन मिलने के बाद ही महिलाएं लौटीं।
बच्चे हो रहे शराब के आदी
शीला और रामवती ने बताया कि गांव में ही शराब मिलने से उनके पति और बच्चे शराब के आदि हो रहे हैं। गांवों में अवैध शराब बिक्री के कारण आए दिन महिलाओं व बच्चों के साथ मारपीट होती है, जिससे महिलाएं आत्महत्या जैसा कदम उठाने को मजबूर हो जाती हैं।
पुलिस की मदद नहीं मिलती
महिलाओं का आरोप है कि इससे पहले भी गांवों में अवैध शराब बेचने वाले तस्करों के खिलाफ जेवर और रबूपुरा में मोर्चा खोला था। उस समय महिलाओं ने शराब के ठेकों को भी आग के हवाले कर दिया था। इसके बाद भी पुलिस ने शराब तस्करों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नही की है।