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मोदी को चिट्ठी के बाद अब उपन्यास लिखेंगी महिला प्रोफेसर

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हर कदम पर हो रहे महिलाओं के शोषण के खिलाफ अब नोएडा की डॉ. कविता सुरभि ने ठान लिया है कि वह इसका जमकर विरोध करेंगी। वो इस पर उपन्यास भी लिख रही हैं। यह हिम्मत उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिली है।
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एक निजी विश्वविद्यालय के खिलाफ मोर्चा खोलने वाली कविता ने जब इसकी शिकायत पीएमओ से की तो उन्हें न्याय मिला लेकिन जब धमकी दिए जाने की शिकायत के बाद पीएमओ कार्यालय से उन्हें लिखकर भेजा गया कि ‘नो बडी इज एबव द लॉ’ (कोई कानून से ऊपर नहीं है)।

दरअसल, दिल्ली से पीएचडी करने के बाद डॉ. कविता सुरभि ने यहां के एक निजी विश्वविद्यालय में असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में सात साल नौकरी की ती। जब उनकी ग्रेच्युटी नहीं मिली तो उन्होंने इसकी शिकायत पीएमओ से की। उसका परिणाम यह हुआ कि विवि को पूरा भुगतान करना पड़ा।
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दो माह पहले अमर उजाला ने पूरे घटना को प्रकाशित किया था। इसके बाद इलेक्ट्रॉनिक चैनल और सोशल मीडिया आदि पर डॉ. कविता की हिम्मत की सराहना हुई थी। नोएडा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी से एलएलएम कर रही डॉ. कविता ने बताया कि उन्हें विवि द्वारा बर्बाद करने की धमकी मिली है।

इसकी जानकारी जब पीएमओ को दी गई तो 14 नवंबर को एक मेल आया, जिसमें लिखा था कि तुम किसी बात की चिंता न करो। जो कर रही हो उसे जारी रखो। तुम्हें आम लोगों के लिए कुछ करना चाहिए।

कविता ने अमर उजाला को भेजे मेल में घटनाक्रम की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि उन्हें इसकी खुशी है कि पीएमओ के हस्तक्षेप के बाद खुद को न्याय मिलने के साथ-साथ कई अन्य काम करने वालों का भी बकाए का भुगतान कर दिया गया।
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