हर कदम पर हो रहे महिलाओं के शोषण के खिलाफ अब नोएडा की डॉ. कविता सुरभि ने ठान लिया है कि वह इसका जमकर विरोध करेंगी। वो इस पर उपन्यास भी लिख रही हैं। यह हिम्मत उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिली है।
एक निजी विश्वविद्यालय के खिलाफ मोर्चा खोलने वाली कविता ने जब इसकी शिकायत पीएमओ से की तो उन्हें न्याय मिला लेकिन जब धमकी दिए जाने की शिकायत के बाद पीएमओ कार्यालय से उन्हें लिखकर भेजा गया कि ‘नो बडी इज एबव द लॉ’ (कोई कानून से ऊपर नहीं है)।
दरअसल, दिल्ली से पीएचडी करने के बाद डॉ. कविता सुरभि ने यहां के एक निजी विश्वविद्यालय में असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में सात साल नौकरी की ती। जब उनकी ग्रेच्युटी नहीं मिली तो उन्होंने इसकी शिकायत पीएमओ से की। उसका परिणाम यह हुआ कि विवि को पूरा भुगतान करना पड़ा।