फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूरोप के बाद भारत में पहली बार हुआ ये कारनामा, ऐसे मां बनी महिला

Thu, 06 Dec 2018 01:12 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
महिला मरीज नीतू कुमारी
विज्ञापन

सीजेरियन स्कार डिफेक्ट, एक ऐसी बीमारी जो न सिर्फ महिला को हमेशा के लिए मां बनने से मरहूम रखती है, बल्कि इसकी जांच भी समय पर नहीं हो पाती। कई बार प्रसूति विशेषज्ञ इससे अनजान रहते हैं, तो कई बार मरीज की ओर से ही लापरवाही बरती जाती है। ऐसे ही एक केस में सीजेरियन स्कार डिफेक्ट को एक ऑपरेशन के जरिये दूर करके महिला मरीज को फिर से मां बनाया गया है।

विज्ञापन


इस बारे में मिलान फर्टिलिटी सेंटर की डॉ. आराधना कालरा का कहना है कि ये मुश्किल से पता लगने वाला गर्भाश्य से जुड़ा दुष्प्रभाव है, जो बहुत कम महिलाओं को सीजेरियन सर्जरी के बाद हो जाता है। डॉक्टरों को बड़ी ही मुश्किल में इसके बारे में जानकारी मिल पाती है।

उन्होंने बताया कि दिल्ली की 38 वर्षीय महिला मरीज नीतू कुमारी को आठ वर्ष पहले ये परेशानी हुई थी, तब से वह दोबारा मां नहीं बन पा रही थी। साथ ही उन्हें असामान्य रक्त स्त्राव की परेशानी थी। अल्ट्रासाउंड के जरिये सीजेरियन स्कार डिफेक्ट के बारे में पता चला। 

विज्ञापन
विज्ञापन

क्या है सीजेरियन स्कार डिफेक्ट

ऑपरेशन के बाद अब नीतू कुछ दिन पहले ही एक बच्ची की मां बनी हैं। डॉ. आराधना का कहना है कि अभी तक यूरोप में ही इस तरह के केस और ऑपरेशन किए जा रहे थे, लेकिन अब भारत में पहली बार सीजेरियन स्कार डिफेक्ट का ऑपरेशन किया है।

इस बात में कोई दो राय नहीं है कि सीजेरियन सेक्शन आजकल हर गर्भवती महिला की पहली पसंद है, जबकि इसके दुष्प्रभाव भी हैं। इनमें से एक है सीजेरियन स्कार डिफेक्ट यानी इस्थमोसेल। यह सीजेरियन सर्जरी से गुजरीं कुछ महिलाओं को हो सकता है। 

यह पिछली सीजेरियन सर्जरी के बाद कुछ कमी रहने के कारण होता है, जिसमें प्लैसेंटा एकरेटा, स्कार डेहीसेंस, एक्टोपिक स्कार प्रेग्नेंसी इत्यादि इसके कारणों में से एक हैं। इसकी वजह से महिला को अनियमित रक्त रिसाव, बांझपन, पेट दर्द इत्यादि की शिकायत रहती है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें