द्वारका जिला पुलिस ने निवेश के नाम पर साइबर ठगी के मामले में नोएडा से तीन आरोपियों दिल्ली के जैतपुर निवासी पीयूष बाला (28), कर्नाटक के उडुपी निवासी भरत जी. पुजारी (32) और उत्तर प्रदेश के शामली निवासी सूरज कुमार (24) को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि इन आरोपियों ने द्वारका की एक महिला से 5.5 लाख रुपये की ठगी की। आरोपियों के पास से 40 मोबाइल फोन, अलग-अलग सेवा प्रदाताओं के 146 सिम कार्ड, 86 डेबिट कार्ड, तीन लैपटॉप, 28 चेकबुक, 18 पासबुक और वेलकम लेटर, तीन पासपोर्ट, 1.09 लाख रुपये नकद और एक वाई-फाई राउटर बरामद किया गया।
द्वारका जिला पुलिस उपायुक्त कुशलपाल सिंह ने बताया कि यह गिरफ्तारी द्वारका में 19 जुलाई को दर्ज ई-एफआईआर की जांच के दौरान हुई। यह मामला सेक्टर-16 निवासी महिला की शिकायत पर दर्ज किया गया था, जिसे सोशल मीडिया विज्ञापन और ऑनलाइन ग्रुप के जरिये शेयर बाजार में निवेश के लिए कथित रूप से प्रेरित किया गया। शिकायत के अनुसार, महिला ने जून में सोशल मीडिया पर एक विज्ञापन देखा था और बाद में उसे फंड्स इन्वेस्ट नामक समूह में जोड़ा गया। इस समूह में सदस्य और एडमिन निवेश संबंधी सुझाव साझा करते थे और बहुत अधिक रिटर्न का वादा करते थे।
उपायुक्त ने बताया कि महिला ने 16 जुलाई को एक खाते में तीन लाख रुपये और 19 जुलाई को दूसरे खाते में 2.5 लाख रुपये जमा किए। 2.5 लाख रुपये जिस बैंक खाते में जमा किए गए थे, उसके लाभार्थी का पता नोएडा के सेक्टर-137 स्थित एक आवासीय सोसाइटी में चला। इसके बाद वहां छापेमारी कर द्वारका साइबर थानाध्यक्ष संदीप तुशीर व एसआई विजय कुमार की टीम ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
इंस्टाग्राम के जरिए संपर्क में आए
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे इंस्टाग्राम के जरिये गिरोह के अन्य सदस्यों के संपर्क में आए थे और खातों में लॉगिन तथा भुगतान सत्यापन से जुड़ी गतिविधियों में शामिल थे। पुलिस ने बताया कि बरामद बैंक खातों से दिल्ली, केरल, महाराष्ट्र और कर्नाटक में राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर दर्ज छह शिकायतें भी जुड़ी मिली हैं। इन मामलों में करीब चार लाख रुपये की ठगी की गई है।