भाजपा सांसद से उगाही के मामले में तीस हजारी स्थित विशेष न्यायाधीश हिमानी मल्होत्रा ने दिल्ली पुलिस की दलीलें सुनने के बाद महिला वकील से पूछताछ के लिए पांच दिन का रिमांड दिया है। अदालत ने आरोपी का हर 24 घंटे में मेडिकल करवाने का निर्देश दिया है।
दिल्ली पुलिस की ओर से बहस करते हुये लोक अभियोजन अधिकारी अतुल श्रीवास्तव ने कहा महिला वकील पर राज्यसभा सांसद से सात करोड़ रुपये को ब्लैकमेल कर सात करोड़ की अवैध वसूली करने की कोशिश की। आरोपी ने सांसद की वीडियो क्लिप व फोटो ले ली थी जिसके आधार पर वह ब्लैकमेलिंग कर रही थी।
पुलिस ने कहा कि उससे पूछताछ करने के लिये पांच दिन का रिमांड चाहिये। उसके फ्लैट से सीसीटीवी फुटेज समेत कई सबूत बरामद करने हैं और उसे मुजफ्फरनगर ले जाना है। उससे कई बरामदगी करनी है और उसके साथ शामिल अन्य आरोपियों के बारे में पूछताछ करनी है। महिला वकील के बैंक खातों की भी छानबीन करनी है।
अभियोजन अधिकारी श्रीवास्तव ने कहा महिला आरोपी का आचरण बेहद संदेहास्पद रहा है। उसने हर जगह पर खुद को एक नये नाम के साथ पेश किया। दिल्ली बार एसोसिएशन की आईडी व हाईकोर्ट बार की आईडी में उसके नाम अलग हैं।
वह खुद को एलएलएम बताती है
वह खुद को एलएलएम बताती है लेकिन उसे अंग्रेजी के मामूली शब्द होम व फीलिंग की स्पेलिंग तक नहीं आती। वह सांसद को अपने इंदिरापुरम स्थित फ्लैट पर ले गई और वहां आपत्तिजनक स्थिति में उसकी वीडियो क्लिप बना ली। इसकेे बाद इसने सांसद को ब्लैकमेल करना शुरु कर दिया।
यह महिला पहले भी एक सांसद के साथ ऐसा कर चुकी है। उस मामले में पैसे मिलने के बाद उसने कोर्ट में अपना बयान बदल लिया था। पुलिस के मुताबिक महिला वकील ने सांसद से कहा वह दुष्कर्म की शिकायत वापस ले लेगी अगर वह उसे सात करोड़ दे।
यह दुष्कर्म का मामला थाने से खत्म नहीं हो सकता। कोर्ट से ही खत्म हो सकता है मैं वकील हूं तुमसे ज्यादा कानून जानती हूं। दूसरी ओर बचाव पक्ष के अधिवक्ता शाहिद अनवर ने कहा कि उनकी मुव्वकिल पर सांसद की शह पर झूठा मामला बनाया गया है।
'पीड़िता पर अवैध वसूली का मुकदमा बना दिया'
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सांसद ने उससे दुष्कर्म किया था और कोर्ट ने पीड़िता की शिकायत पर पुलिस से कार्रवाई रिपोर्ट (एटीआर) मांगी तो पुलिस ने पीड़िता पर अवैध वसूली का मुकदमा बना दिया। बचाव पक्ष ने कहा कि उसने नॉर्थ एवेन्यु पुलिस ने 15 अप्रैल को दुष्कर्म की शिकायत दी थी लेकिन यह शिकायत नहीं ली गई।
इसके बाद भी उसने 21 अप्रैल को भी पुलिस को शिकायत दी थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। तब उसने 25 अप्रैल को कोर्ट में अर्जी दायर कर एफआईआर की मांग की थी। उसकी शिकायत पर कोर्ट ने 27 अप्रैल को इस मामले में पुलिस को 12 मई को एटीआर पेश करने का निर्देश दिया था।
इसके बाद पुलिस ने उसे 28 तारीख को थाने बुलाया और शिकायत वापस लेने का दवाब डाला। जब उसने शिकायत वापस लेने से इंकार कर दिया तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर एक मई को उसे गिरफ्तार कर लिया।