निजी अस्पताल में ऑपरेशन के दौरान एक विवाहिता की मौत हो गई। इससे नाराज परिजनों ने चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल में तोड़फोड़ कर डाली। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आक्रोशित लोगों को किसी तरह शांत किया। तब जाकर शव को वहां से उठाया जा सका।
मूलरुप से हिमाचल के ऊना जनपद के रहने वाले रमेशचंद लोनी सीमा से सटी दिल्ली की प्रेमविहार शिवविहार कॉलोनी में रहते हैं तथा ट्रांसपोर्ट कंपनी में नौकरी करते है। रमेशचंद ने बताया कि दो वर्ष पूर्व उन्होने अपनी बेटी मीनाक्षी 28 की शादी हिमाचल के कांगड़ा जनपद में अजय के साथ की थी।
शादी के बाद मीनाक्षी गर्भवती नहीं हो सकी थी। चार दिन पूर्व उन्होंने शांति नगर के एक नर्सिंग होम में उसके उपचार के लिए बात की थी। अस्पताल की महिला चिकित्सक के आश्वासन पर तीन दिन पूर्व मीनाक्षी को ससुराल से उपचार के लिए यहां बुलाया गया था।
चिकित्सक ने उसका चेकअप करने के बाद पेट में सूजन बताते हुए छोटा सा ऑपरेशन बताया था। बुधवार की सुबह मीनाक्षी को अस्पताल में भर्ती कराया था। शाम 4 बजे ऑपरेशन के दौरान मीनाक्षी की हालत बिगड़ने पर चिकित्सकों ने उसे नरेंद्र मोहन अस्पताल रेफर कर दिया।
मगर रास्ते में ही मीनाक्षी की मौत हो गई। परिजन शव को वापस अस्पताल ले आए तथा चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप लगाते वहां तोड़फोड़ की। इसी बीच चिकित्सक व अन्य स्टाफ वहां से भाग गए। हंगामे की सूचना पर पहुंची पुलिस ने परिजनों को शांत कराया।