जिला अस्पताल में एक गर्भवती महिला की कार में ही डिलीवरी हो गई। डिलीवरी के बाद भी बहुत देर तक अस्पताल का स्टाफ ही नहीं आया। तब जाकर गर्भवती महिला को अस्पताल में लेकर आई महिला ने ही डिलीवरी में मदद कराई। उसके बाद स्ट्रेचर में महिला को लेबर रूम में लेकर गए।
जिला अस्पताल में एक महिला अपने यहां काम करने वाली सहायिका की रिश्तेदार को लेबर पेन होने पर अपनी गाड़ी में जिला अस्पताल में लेकर आई थी। अस्पताल के इमरजेंसी गेट पर आते ही महिला की डिलीवरी हो गई।
उसके बाद भी महिला को देखने कोई नहीं आया। इसके बाद अस्पताल लेकर आई महिला ने खुद जिला अस्पताल की इमरजेंसी से गल्ब लेकर गर्भवती महिला की डिलीवरी में मदद कराई। फिर महिला को भर्ती किया गया।
महिला के परिजनों ने बताया कि वो मंगलवार सुबह को अस्पताल में लेकर आए थे, लेकिन उस दौरान भर्ती नहीं किया। घर जाने के बाद दोबारा से लेबर पेन होने लगा। इसके बाद अस्पताल लेकर आए।