-रोहिणी साइबर सेल ने ग्रेटर नोएडा से किया गिरफ्तार, जालसाजी के मामलों की जांच के दौरान बैंक खातों की जांच के जरिए आरोपी महिला जालसाज तक पहुंची
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
विजय विहार थाना पुलिस ने ठगी करने वाले जालसाजों के लिए म्यूल बैंक खातों को हैंडल करने वाली एक महिला जालसाज को ग्रेटर नोएडा से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान टेकजोन-4 ग्रेटर नोएडा वेस्ट यूपी निवासी 22 साल की रश्मि के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी महिला के कब्जे से 32 एटीएम कार्ड, 61 चेकबुक, 18 पासबुक, 8 मोबाइल फोन, 6 लैपटॉप, 1 एटीएम कार्ड स्वाइप मशीन और एक क्यूआर कोड स्कैनर मशीन बरामद किए हैं।
रोहिणी के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त राजीव रंजन ने बताया कि साइबर अपराधों की जांच के दौरान पता चला कि नेशनल क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर दर्ज कई साइबर ठगी में गोपाल विहार निवासी असलम के दो बैंक खातों का इस्तेमाल ठगी के पैसे लेने के लिए किया है। दोनों खातों में बेंगलुरु के आरिफ बाशा से 50 हजार और तेलंगाना के पवन कुमार से 3.80 लाख की ठगी की रकम डाली गई थी। पुलिस ने विजय विहार थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने जांच के दौरान बैंक खातों की तकनीकी जांच की। पुलिस ने खाते की बैंकिंग एप्लीकेशन्स के आईपी लॉग्स की तकनीकी जांच की। साथ ही 50 से ज़्यादा मोबाइल नंबर की सीडीआर खंगाले। लगातार तकनीकी सर्विलांस के जरिए पुलिस ने आरोपी की पहचान रश्मि के रूप में की और उसे ग्रेटर नोएडा, उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में आरोपी रश्मि ने अपनी संलिप्तता कबूल की। उसने बताया कि उसने साइबर जालसाजों को को कमीशन के आधार पर म्यूल बैंक अकाउंट खरीदे और सप्लाई किए। इन खातों का इस्तेमाल नकली क्रिप्टोकरेंसी इन्वेस्टमेंट स्कीम, फ्रॉड ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म और हाई-रिटर्न इन्वेस्टमेंट स्कैम में होता था। उसने विवान को गैंग का सरगना बताया। पुलिस सरगना की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है।