महामंडलेश्वर कैलाश चंद ब्रह्मचारी महाराज पर छेड़खानी के लगे आरोप के मसले पर मंगलवार को राजधानी में अजीबोगरीब स्थिति पैदा हो गई। महामंडलेश्वर को क्लीन चिट देने के लिए महिला साधु संतों की प्रेसवार्ता में शिकायत करने वाली महिला के आने से खूब हंगामा हुआ।
इस दौरान दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर फर्जीवाड़ा करने के आरोप लगाए। इसी बीच साध्वी प्राची ने महामंडलेश्वर पर आरोप लगाने वाली महिला को हाथ पकड़कर प्रेसवार्ता से बाहर निकाल दिया। इसके बाद महिला ने बाहर मीडिया के समक्ष प्रेसवार्ता करने वाले साधु-संतों पर कई गंभीर आरोप लगाए।
महामंडलेश्वर कैलाश चंद ब्रह्मचारी महाराज पर गत 27 सितंबर को एक महिला ने छेड़खानी करने का आरोप लगाया था। इसके चलते उनके खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज कर रखा है।
संतों की प्रेसवार्ता
- फोटो : अमर उजाला
इस मामले की सामाजिक तौर पर जांच कर रही गुरु मां कंचन गिरी ने मंगलवार को अपनी रिपोर्ट का खुलासा करने के लिए प्रेसवार्ता का आयोजन किया। इस दौरान उन्होंने महामंडलेश्वर को क्लीन चिट दी और उनके खिलाफ शिकायत करने वाली महिला पर गंभीर आरोप लगाए।
इसी बीच शिकायत करने वाली महिला भी प्रेसवार्ता में पहुंच गई। इसके बाद गुरु मां कंचन गिरी ने उनके खिलाफ आरोप लगाने की झड़ी लगा दी। कुछ देर तक उनके आरोप सुनने के बाद महिला को गुस्सा आ गया और वह भी मीडिया के समक्ष अपनी बात रखने लग गई।
उन्होंने गुरु मां कंचन गिरी के आरोपों को बेबुनियाद करार दिया। इतना ही नहीं, उन्होंने प्रेसवार्ता कर रही साध्वी और संतों पर आरोप लगाए। उनकी बात पूरी होती इससे पहले ही साध्वी प्राची अपनी सीट से उठकर महिला के पास आई और उनका हाथ पकड़कर प्रेसवार्ता से बाहर कर दिया।
संतों की प्रेसवार्ता
- फोटो : अमर उजाला
इसके बाद महिला ने मीडिया से बात करते हुए आरोप लगाए कि साध्वी गुमराह कर रही है और जांच के दौरान उनके साथ षड़यंत्र रचा है। उनकी असलियत सामने लाने के लिए वह यहां आई।
इससे पहले गुरु मां कंचन ने आरोप लगाया कि साधु संतों को निशाना बनाया जा रहा है। उनपर रेप व छेडख़ानी के आरोप लगाकर जेल भेजने का कार्य किया जा रहा है। इसी कड़ी में महामंडलेश्वर के खिलाफ आरोप लगाए। उन्होंने आसाराम बापू को भी क्लीन चिट दी।