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गाजियाबाद में बिना वेरीफिकेशन किराए पर मिल जाता है घर

Fri, 02 Jan 2015 01:49 PM IST
अभिषेक सिंह/अमर उजाला, गाजियाबाद
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गाजियाबाद में बिना सत्यापन और बिना जांच किराएदारों को मकान किराए पर आसानी से दे दिया जाता है। कई कालोनियां ऐसी हैं जिनमें 50 फीसदी लोगों को न पड़ोसी पहचानते हैं और न ही पुलिस के पास इनका ब्यौरा है।
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दूसरे राज्यों के लाखों लोगों का रिकार्ड गाजियाबाद में नहीं हैं। दिसंबर महीने में डीआईजी ने शहर में मॉल्स, होटल, फ्लैट, कोठियों व मकानों में रहने वाले संदिग्ध लोगों पर नजर रखने के लिए सत्यापन अभियान चलाने के आदेश दिए थे।

केस स्टडी-1
गाजियाबाद में बिना वेरिफिकेशन आशियाना मिलना कितना आसान है इसकी वास्तविकता उस वक्त सामने आई जब कविनगर पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए लिटिल चोरों ने बताया कि वह मूलरूप से झारखंड के रहने वाले हैं।
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खोड़ा कालोनी उनका ठिकाना है, यहां पर किराए पर कमरा लेकर रहते हैं। लिटिल चोरों का दावा है कि उन्होंने खुद ही मकान मालिक से वार्तालाप कर कीमत तय की और किराए पर कमरा लिया। इसके लिए मकान मालिक ने लिटिल चोरों से आइडी प्रूफ तक नहीं मांगे।

केस स्टडी-2
कोतवाली क्षेत्र में एक होटल में प्रेमी संग ठहरी लड़की द्वारा 100 नंबर पर कॉल कर पुलिस से जब सुरक्षा की मांग की तो मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच में पाया कि लड़की दिल्ली की है और वह पिछले दो दिनों से घर से गायब थी।

लड़की के परिजनों ने दिल्ली स्थित थाने में बहला फुसलाकर ले जाने का मामला दर्ज कराया था। पता चला कि आईडी प्रूफ की जांच किए बिना ही संचालक ने कमरा किराए पर दे दिया था।
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