हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि बिना टिकट यात्रा और गलत तरीके से ट्रेन में चढ़ने के दौरान यदि किसी की मौत होती है तो उसके आश्रित मुआवजे के हकदार नहीं हैं। अदालत ने यह टिप्पणी एक मामले में मृतक के आश्रितों द्वारा आठ लाख रुपये मुआवजा संबंधी दायर याचिका खारिज करते हुए की।
अदालत ने रेलवे मुआवजा ट्रिब्युनल के फैसले को सही ठहराते हुए कहा कि मृतक के आश्रित मुआवजा पाने के हकदार नहीं हैं। न्यायमूर्ति जे. वाल्मीकि ने अपने फैसले में कहा कि याची यह साबित करने में असफल रहा है कि जयवीर सिंह तोमर (मृतक) घटना के समय ट्रेन में बतौर यात्री सफर कर रहे थे।
याची ने तर्क रखा कि जयवीर झेलम एक्सप्रेस से नई दिल्ली से आगरा कैंट जा रहे थे। इस दौरान जब उनकी ट्रेन निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन पहुंची तो वह पानी लेने के लिए स्टेशन पर उतरे। उनके वापस चढ़ने के बाद ट्रेन कुछ दूर बढ़ी ही थी कि उसमें जोरदार झटका लगा और जयवीर की ट्रेन से गिरकर मौत हो गई।