नई दिल्ली। राजधानी में मानसून के दौरान तेज बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। डॉक्टरों के अनुसार, इस मौसम में हर बुखार को वायरल समझकर घर पर दवा लेना खतरनाक हो सकता है, क्योंकि यह डेंगू का शुरुआती संकेत भी हो सकता है। देरी से जांच और इलाज से हालत गंभीर हो सकती है, इसलिए लगातार तेज बुखार होने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें।
जलभराव से एडीज मच्छरों का प्रजनन बढ़ने से डेंगू का खतरा बढ़ जाता है। डेंगू के लक्षण तेज बुखार, सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, जोड़ों में दर्द, कमजोरी, उल्टी और लाल चकत्ते हैं। शुरुआत में वायरल जैसे लगते हैं।
गुरु तेग बहादुर अस्पताल के डॉ. प्रवीण कुमार ने कहा कि दो दिन से अधिक बुखार रहने पर जांच कराएं। डेंगू की समय पर पहचान से जटिलताओं से बचा जा सकता है। बिना डॉक्टर की सलाह के दर्द निवारक न लें। अगर बुखार के साथ कमजोरी, उल्टी, सांस की परेशानी या रक्तस्राव हो तो तुरंत अस्पताल जाएं। संवाद