कोहरे के कारण बुधवार को ट्रेन और विमान सेवाएं प्रभावित रहीं। इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के रनवे पर सुबह दृश्यता सीमा 50 मीटर से कम होने की वजह से दूसरे शहरों से दिल्ली आने वाले विमानों के रूट जयपुर व अमृतसर के लिए परिवर्तित कर दिए गए। इन विमानों को दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरने की इजाजत नहीं मिली। इस वजह से यात्रियों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
एयरपोर्ट सूत्रों के अनुसार 5 विमानों को दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरने की इजाजत इसलिए नहीं दी गई कि इन विमानों के चालक कैट-थ्री श्रेणी के नहीं थे। मंगलवार देर रात 2 बजे से बुधवार सुबह 10:30 बजे तक रनवे पर 50 मीटर से कम दृश्यता सीमा रही। इस दौरान कैट-थ्री श्रेणी वाले पॉयलट को ही लो विजिबिलिटी प्रोसीजर में विमान उतारने की इजाजत दी जाती है।
इसके अलावा गणतंत्र दिवस की तैयारी को लेकर सुबह 10.30 से लेकर दोपहर 12.35 तक नोटिस टू एयरमैन (नोटेम) जारी कर दिया गया। इस दौरान हवाई क्षेत्र बंद होने के कारण सभी एयरलाइन की उड़ानें प्रभावित रहीं। दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (डायल) के अधिकारियों का कहना है कि कम दृश्यता के कारण विमानों के संचालन पर कोई खास असर नहीं पड़ा। विमानों के संचालन में परेशानी दिल्ली के मौसम की वजह से नहीं, बल्कि तकनीकी कारणों से हुआ।
उधर, रेल यात्रियों को भी कोहरे के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ा। बुधवार को 22 से अधिक ट्रेनें घंटों देरी से चलीं। गाजीपुर-आनंद विहार एक्सप्रेस 8 घंटे देरी से अपने गंतव्य तक पहुंची। इसी तरह कैफियत एक्सप्रेस 5:45 घंटे, भागलपुर-आनंद विहार 5 घंटे, यमुनानगर-कटरा सुपरफास्ट एक्सप्रेस 4 घंटे, रीवा एक्सप्रेस 6 घंटे, कटिहार-अमृतसर एक्सप्रेस 4 घंटे की देरी से चलीं। इसके साथ ही काशी विश्वनाथ, मालवा एक्सप्रेस ढाई घंटे, डिब्रूगढ़ राजधानी 3 घंटे, मऊ-आनंद विहार 4 घंटे देरी से पहुंचीं।