फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

खराब हुई फसल पर मिलेगा दोगुना मुआवजा

Mon, 06 Apr 2015 01:03 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
विज्ञापन
विज्ञापन
बेमौसम बारिश से जिले के किसानों को फसलों को भारी नुकसान हुआ है। प्रभावित फसल का आंकलन करने के लिए तहसील स्तर पर सर्वे करके शासन ने दो दिन में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। इस बार 50 फीसदी से कम क्षति की भी रिपोर्ट मांगी गई है। साथ ही, शासन ने पिछली बार के मुकाबले मुआवजा दोगुना कर दिया है। सोमवार को तीनों तहसीलों की रिपोर्ट प्रशासन को मिल जाएगी। रिपोर्ट को शासन स्तर पर भेजा जाएगा। जनपद के किसानों का कहना है कि गेहूं की फसल को कई स्थानों पर 70 फीसदी तक क्षति हुई है।
विज्ञापन


एक महीने की बेमौसम बरसात के दौरान तूफानी हवाएं चलने पर गेहूं की फसल काफी खराब हुई है। वहीं, कई किसानों ने गेहूं काटकर खेत में ही सुखाने के लिए डाले हुए थे। बरसात होने से इन्हें काफी क्षति हुई है। किसानों का कहना है कि गौतमबुद्ध नगर जनपद में भी फसल की क्षति करीब 50 फीसदी से अधिक हुई थी। अब फिर से बारिश होने के कारण क्षति 70 फीसदी से ऊपर पहुंच गई है। किसानों को केवल तीस फीसदी ही उत्पाद मिल पाएगा। अगर किसानों को क्षति पूर्ति नहीं मिलती है तो वह बर्बाद हो जाएगा।

पूर्व में हुए सर्वे की रिपोर्ट
सदर तहसील में कुल 8331 हेक्टेयर फसल गेहूं की है। इसमें से 750 हेक्टेयर फसल की 20 फीसदी, दादरी में 12312 हेक्टेयर फसल में से 2462 हेक्टेयर की 20 फीसदी और जेवर में 2985 हेक्टेयर फसल की 20 फीसदी क्षति आंकी गई। किसानों का कहना है कि प्रशासन ने सर्वे ठीक से नहीं किया। मौके पर इससे कई गुणा अधिक फसल की क्षति हुई है। सर्वे के बाद कई बार बारिश हो चुकी है, जिसमें 70 फीसदी तक फसल बर्बाद हो गई है।
विज्ञापन


दो दिन में पूरा होगा सर्वे
अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) महेंद्र सिंह ने बताया दादरी, जेवर और सदर तहसील क्षेत्र में बरसात से हुई फसल क्षति का सर्वे करने के निर्देश दिए गए हैं। दादरी तहसील क्षेत्र से सर्वे की रिपोर्ट मिल गई है। सदर और जेवर क्षेत्र की रिपोर्ट आनी बाकी है। इस बार 25 से 50 फीसदी और 50 फीसदी से अधिक की क्षति के अलग-अलग आंकड़े जमा किए जा रहे हैं। दोनों स्तरों पर शासन ने रिपोर्ट मांगी है।
विज्ञापन


लगान की नहीं होगी वसूली
2014-2015 के लगान की वसूली को प्रशासन ने रोक दिया है। जनपद में करीब 12 लाख रुपये की वसूली लगान के रूप में हर साल होती है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें