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इस बार दिल्ली विधानसभा की होगी ये तस्वीर

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अरविंद केजरीवाल बतौर मुख्यमंत्री पूरे मंत्रिमंडल के साथ शनिवार को शपथ ले रहे। जो पहली कैबिनेट बैठक होगी, उसमें बाकी विधायकों के शपथ और उपराज्यपाल के अभिभाषण के लिए विधानसभा की बैठक बुलाई जाएगी।
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आम आदमी पार्टी के 67 विधायक हैं। कोरम पूरा करने के लिए सिर्फ 24 विधायकों की जरूरत होती है, जो कि अक्सर रहा करेंगे। इसलिए इस बार कोरम पूरा करने के लिए घंटी नहीं बजानी पड़ेगी।

इस बार सिर्फ 22 सदस्य ही पांचवीं विधानसभा वाले चुनकर आए हैं, जबकि दो पहली विधानसभा में सदस्य थे जिन्हें पांच साल की कार्यवाही की जानकारी है। ऐसे में सदन की कार्यवाही से जुड़े नियम और परंपरा को लेकर दिक्कतें आनी तय है।
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पिछली विधानसभा में बिगड़ गए थे हालात

पिछली विधानसभा में कई बार ऐसे हालात आए, जब नए होने के कारण नियम टूटे या हालात खराब हुए। मुंडका से निर्दलीय विधायक रामवीर शौकीन कार्यवाही के दौरान वेल में आ गए। और तो और अध्यक्ष के खिलाफ एक प्रस्ताव पास करवाकर भाजपा और कांग्रेस विधायकों ने एक दिन के लिए उनकी शक्तियां छीन ली।

भाजपा से जीतकर पांच साल विधानसभा की कार्यवाही में भाग लेने वाले वर्तमान आप विधायक रामनिवास गोयल और फतेह सिंह को ज्ञान जरूर है। पिछली बार आप विधायकों को अनुभवी प्रो. जगदीश मुखी और साहब सिंह चौहान ने प्रवेश करने, प्रश्न उठाने और प्रक्रिया में भाग लेने तौर-तरीके सिखाए थे।

भाजपा के तीन विधायक चुनकर आए हैं, जिनसे सिर्फ एक के पास 49 दिन की सरकार में कार्यवाही में हिस्सा लेने का अनुभव है। बाकी दो विधायकों को एमसीडी के स्थायी समिति व सदन की बैठक में हिस्सा लेने का अनुभव है। यहां नियम इतर होते हैं।

मुख्यमंत्री के सामने बैठेंगे भाजपा विधायक

आम आदमी पार्टी ने तीन विधायक होने के बावजूद भाजपा विधायक दल के नेता को नेता प्रतिपक्ष का दर्जा देने का ऐलान किया है। ऐसे में यह तय है कि भाजपा के तीनों विधायक मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के सामने बैठेंगे।

अमूमन पहली कतार में अनुभवी विधायकों को बैठाया जाता है, लेकिन इस बार पहली बार चुने कुछ विधायक भी पहली पंक्ति में बैठ सकते हैं।

दिल्ली में जब पहली सरकार बनी तो उसमें महिला मंत्री नहीं थी, लेकिन कुछ दिन बाद सुषमा स्वराज को मुख्यमंत्री बनाकर भरपाई की कर दी गई। शीला दीक्षित की सरकार आई तो खुद मुख्यमंत्री होने के साथ एक महिला मंत्री हमेशा रहीं।
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कोई नहीं होगी महिला मंत्री

आम आदमी पार्टी की पिछली सरकार में राखी बिडलान के पास महिला एवं बाल विकास मंत्रालय था, लेकिन इस बार अभी तक आई खबर में यह साफ है कि कोई महिला मंत्री नहीं होगी।

दिल्ली विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष कहते हैं कि चौबीस सदस्य में कोरम पूरा होता है। बैठक शुरू होने के बाद अगर सदस्य कम भी हो जाएं तो किसी सदस्य की तरफ से मुद्दा उठाए जाने पर ही गिनती होती है।

इतने अधिक सदस्य एक पार्टी से चुनकर आए हैं कि दिक्कत नहीं आएगी। कोरम पूरा करने के लिए पांच मिनट घंटी बजाई जाती है। फिर भी कोरम पूरा न हो तो कार्यवाही कुछ समय के लिए स्थगित की जाती है।
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