दिल्ली भाजपा प्रदेश अध्यक्ष छोड़ने के बाद भाजपा सांसद मनोज तिवारी का कहना है कि प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर उन्होंने अपने कर्तव्यों का निर्वाह पूरी ईमानदारी से किया और इस दौरान वरिष्ठों का सहयोग और कनिष्ठों का भरपूर प्यार मिला। वह भले ही प्रदेश अध्यक्ष नहीं हैं, लेकिन सांसद और पार्टी नेता होने के नाते दिल्ली के हित में हमेशा काम करते रहेंगे। भाजपा के नए प्रदेश अध्यक्ष पद पर आदेश गुप्ता को जिम्मेदारी दिए जाने के सवाल पर कहा कि वह जमीनी नेता हैं, मेहनती है जुझारू हैं। पार्टी ने जो निर्णय लिया है वो कुछ सोचकर ही लिया होगा।
पूर्व प्रदेश अध्यक्ष तिवारी ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि प्रदेश अध्यक्ष पद के साढ़े तीन साल के कार्यकाल में उन्हें पार्टी पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं का पूरा सहयोग मिला। अध्यक्ष रहते हुए निगम चुनाव में भाजपा जीती, लोकसभा चुनावों में भी सातों सीटें जीती और उपचुनाव में भी हमने अच्छा किया। निराशा वाली बात यही रही कि हम दिल्ली नहीं जीत पाए।
दिल्ली विधानसभा में भाजपा की हार के सवाल पर बोले कि विपक्षियों ने चुनाव से पहले चार महीनों में झूठ का जो महल खड़ा किया। जनता उसमें ही गुमराह हो गई। प्रवासियों के पैदल घर जाने और रोटी के लिए मोहताज होने के सवाल पर तिवारी बोले कि केंद्र सरकार ने जनता को तीन माह तक राशन फ्री दिया, दालें फ्री बांटी। गरीबों के लिए भोजन की व्यवस्था की। 43 लाख प्रवासियों को ट्रेनों से उनके घर पहुंचाया। जिन राज्यों ने प्रवासियों की सूची दी, उनके राज्य के लोगों को हमने घर पहुंचा दिया।