जेवर कोतवाली क्षेत्र के धनसियां गांव के जंगल में बने देसी मुर्गा फार्म में शुक्रवार रात जंगली जानवर ने हमला बोल दिया। जानवर ने हमला कर करीब 300 मुर्गों को मार डाला। वन विभाग की टीम ने मौके से जानवर के पंजे के निशान लिए हैं। विभाग ने लकड़बग्घे, सियार या जंगली कुत्ते में से किसी जानवर के हमले की आशंका जताई है। अहम है कि इससे पहले शुक्रवार शाम चारा लेने गई थोरा गांव निवासी राजेंद्री की किसी जंगली जानवर के हमले से मौत हो गई थी।
शुक्रवार रात को बंकापुर निवासी गजेंद्र के जेवर खुर्जा रोड स्थिति धनसियां गांव के देसी मुर्गा फार्म में कोई जंगली जानवर घुस गया। गजेंद्र ने बताया कि वहां करीब 500 देसी मुर्गे थे। जानवर के हमले में लगभग 300 मुर्गे मर गए। शनिवार सुबह पहुंची पुलिस और वन विभाग की टीम ने मौके से पंजे के निशान लिए हैं।
टीम ने निशानों की पहचान करने के बाद बताया कि पंजे कि निशान कुत्ते की प्रजाति जैसे जंगली कुत्ते, सियार, लकड़बग्घा के हो सकते हैं। पंजों के निशान साफ न होने की वजह ज्यादा कुछ नहीं कहा जा सकता। वन विभाग की ओर से क्षेत्र में जानवर को पकड़ने के लिए दो पिंजरे लगाए गए हैं।
वन क्षेत्राधिकारी शीतल पवार ने कहा कि थोरा गांव में महिला पर हमले और फार्म में मुर्गों पर हमले की जगह किसी ने जानवर को नहीं देखा। क्षेत्र में वन विभाग की टीम तैनात कर दी गई है साथ ही दो पिंजरे लगाए गए हैं। जानवर दिखने पर उग्र होने के बजाए वन विभाग की टीम को सूचित करें।
कोतवाली प्रभारी जेवर सुरेंद्र सिंह भाटी ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही महिला की मौत के सही कारण का पता चल पाएगा। क्षेत्र में पुलिस के अलावा वन विभाग की टीम लगातार गश्त कर रही हैं। जानवर को जल्द ही पकड़ लिया जाएगा।