खटाना गांव में रविवार को इलाज के लिए पैसे के अभाव में बुजुर्ग की मौत का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि तीन दिनों से पत्नी बैंक से पैसे निकालने के लिए लाइन में लग रही थी, लेकिन रुपये नहीं निकाल पाई।
राजवीर ने बताया कि उसके पिता खड़क सिंह (65) कई दिनों से बीमार चल रहे थे। उनका दादरी नगर के एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था। हालत बिगड़ने पर निजी अस्पताल के चिकित्सकों ने उन्हें गाजियाबाद के अस्पताल के लिए रेफर कर दिया, लेकिन राजवीर के पास पिता को गाजियाबाद ले जाने के लिए पैसे नहीं थे।
राजवीर की मां रुपवती गांव के ही सर्व ग्रामीण बैंक में खाते से पैसे निकालने के लिए तीन दिनों से लाइन में लग रही थीं, लेकिन भीड़ अधिक होने से नगदी नहीं मिल पाई। इससे खड़क सिंह को इलाज के लिए गाजियाबाद नहीं ले जा पाए।
रविवार को खड़क सिंह की हालत बिगड़ी और सुबह मौत हो गई। राजवीर का आरोप है कि अगर बैंक से नए नोट मिल जाते तो गाजियाबाद के अस्पताल में इलाज होने पर पिता को बचाया जा सकता था। परिवार के साथ दुखद हादसा हुआ है।