ट्रांसपोर्ट यूनियन के अध्यक्ष वेद पाल चौधरी ने बताया कि जिले में करीब 50 हजार व्यावसायिक वाहन नहीं चलेंगे। यह एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल है। अगर सरकार फिर भी न चेती तो मजबूरन कठोर कदम उठाने पर मजबूर होना पड़ेगा।
12-22 से डीएनडी तक वाहनों की कतार
वेद पाल चौधरी ने बताया कि हड़ताल के मद्देनजर सुबह सेक्टर-12, 22 से लेकर डीएनडी तक सड़क के किनारे वाहनों की कतार लगेगी। इस दौरान सड़क पर चलने वालों को कोई दिक्कत न हो, इसका ध्यान रखा जाएगा। काफी संख्या में वाहन रात में ही सड़क किनारे खड़े कर दिए हैं।
ट्रांसपोर्ट नगर में होगी सभा
संगठन के अध्यक्ष ने बताया कि वाहनों को ट्रांसपोर्ट नगर सेक्टर-69 में लाने के लिए कहा गया है। वहीं, पर ज्यादातर वाहन खड़े किए जाएंगे। दोपहर में जनसभा होगी और आगे की रणनीति तैयार की जाएगी। लोगों के खाने की भी व्यवस्था की गई है।
आवश्यक सामान की ढुलाई में व्यवधान नहीं
दूध, सब्जी, दवा समेत आवश्यक सामान की ढुलाई में लगे वाहनों को हड़ताल में शामिल नहीं किया जाएगा। जितने भी संगठन हैं, सभी को हिदायत दी गई है कि ऐसे वाहनों के संचालन में मदद करें, ताकि जरूरी चीजों के लिए किसी को परेशानी न हो।
ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल को देख पुलिस को अलर्ट कर दिया गया है। पीसीआर, लैपर्ड व थाना चौकसी बरतने के लिए कहा गया है। हड़ताल के दौरान अगर कोई उपद्रव या हंगामा करता है तो सख्त कार्रवाई होगी। अगर किसी वाहन चालक को हड़ताल के नाम पर परेशान किया जाता है तो आरोपी को चिन्हित कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।-विनीत जायसवाल, एसपी सिटी, नोएडा
फरीदाबाद में मोटर वाहन अधिनियम में बदलाव के बाद बढ़े जुर्माने व अपनी अन्य मांगों को लेकर 19 सितंबर को ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के चक्का जाम में फरीदाबाद के ट्रांसपोर्टर शामिल नहीं होंगे। फरीदाबाद ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के उपाध्यक्ष राकेश भाटिया ने बताया कि मंदी के कारण पहले ही कामधंधे ठप पड़े हैं। ऐसे में जिसके पास थोड़ा बहुत काम है भी सही तो उसे हड़ताल कर कोई भी छोड़ना नहीं चाहता है। ऐसे में इस संबंध में ट्रांसपोर्टरों से चर्चा हुई थी, मगर उन्होंने चक्का जाम में शामिल होने से इनकार कर दिया। इस कारण उन्होंने किसी से भी हड़ताल में शामिल होने या अपनी गाड़ियां खड़ी रखने का आह्वान नहीं किया है।
गुरुग्रामः ट्रांसपोर्टर की हड़ताल का मिला-जुला असर रहने की संभावना
गुरुग्राम में ट्रांसपोर्टरों की बृहस्पतिवार को होने वाली हड़ताल को लेकर ट्रांसपोर्टर एकजुट होने शुरू हो गए हैं। बुधवार रात से ही ट्रांसपोर्टर अपने वाहनों को रोककर सरकार के विरुद्ध अपनी नाराजगी जाहिर करने की तैयारी में हैं। हालांकि मंदी की मार झेल रहे ट्रांसपोर्टर इस हड़ताल को लेकर आपस में बंट गए हैं। आपसी गुटबाजी में फंसे होने के चलते कई ट्रांसपोर्टर एसोसिएशनों ने हड़ताल में शामिल होने से इनकार कर दिया है जिसके कारण हड़ताल का मिलाजुला असर जिले में देखने को मिल सकता है। ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल से करीब 100 करोड़ रुपये का राजस्व का नुकसान होने की संभावना है।
बढ़े जुर्माने ने तोड़ी कमर
ओमप्रकाश ने बताया कि नए मोटर वाहन कानून से बढ़े कई गुना जुर्माने के साथ ही बढ़ी बीमा राशि व आरएफआइडी टैग की अनिवार्यता समेत अन्य मुद्दों को लेकर ट्रक, टैम्पों, बस, आटो, कैब, टैक्सी समेत अन्य सार्वजनिक व व्यावसायिक वाहन समेत 51 संगठनों ने एक दिवसीय हड़ताल की घोषणा की है। इसमें 25 हजार ट्रक, 35 हजार ऑटो, 50 हजार के करीब टैक्सी व कैब के साथ स्कूली बसें और कैब शामिल हैं।