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जब 'मन की बात' कर रहे थे पीएम मोदी तो जुनैद के पिता सुनना चाहते थे बस एक शब्द

Tue, 27 Jun 2017 04:33 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नर्ई दिल्ली
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कभी-कभी ऐसा लगता है कि कैसा देश है ‌‌हमारा। देश के प्रधानमंत्री ने 17 करोड मुसलमानों की अपने रेडियो संदेश के जरिए ईद क‌ी बधाई दी। प्रधानमंत्री ने ईद क‌ी बधाई के साथ यह भी बताया कि कैसे मुसलमानों ने शैचालय बनाने के लिए सरकार का पैसा ये कहकर लौटा दिया कि वे खुद के पैसों से गांव में शौचालय बनवाएंगे। 
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ये खबर बनी क्योंकि अपने अंतिम दिनों में चल रहे राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने राष्ट्रपति भवन में इफ्तार पार्टी का आयोजन किया और उसमें प्रधानमंत्री मोदी की कैबिनेट का कोई भी मंत्री शामिल नहीं हुआ।

ईद की खरीददारी कर लौट रहे 15 साल के बच्चे की दिल्ली-मथुरा ट्रेन में भीड़ द्वारा हत्या का सदमा झेल रहे जुनैद के पिता जल्लालुदीन खान का कहना है कि रविवार को प्रधानमंत्री जब रेडियो पर 'मन की बात' के माध्यम से पूरे देश को ईद की बधाई दे रहे थे तो वो आस लगाए बैठे थे कि देश में हो रहे मुसलमानों के प्रति अत्याचारों पर पीएम कुछ तो कहेगें लेकिन वह मौन रहे।
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पीएम क्यों नहीं बोलते इन मुद्दों पर...

दादरी कांड - फोटो : फाइल फोटो
फिलहाल प्रधानमंत्री अमेरिका की यात्रा पर हैं और वो ये साबित करना चाहते हैं कि एक जुलाई से देश में जीएसटी लागू हो रहा जिससे दुनिया भर के इंवेस्टर्स के लिए सकारात्मक जमीन तैयार होगी। पीएम देश के विकास की ओर बढ़ने का संदेश पूरी दुनिया में फैलाने में लगे हुए हैं। जबकि देश में भीड़ सरेआम किसी की भी हत्या कर देती है जो कानून-व्यवस्‍था पर गंभीर सवाल खड़ा करती है।
  जरा एक बार इन घटनाओं पर गौर फर्माएं जो खत्म होने का नाम नहीं ले रहे...
30 मई ,2015 को अब्‍दुल गफ्फर कुरेशी को राजस्‍थान में मार गिराया ।
25 सपटेम्बर, 2015 को दादरी में मोहम्मद अखलाक ‌क‌ी हत्या कर दी गई।
18 मार्च, 2016 को मजलूम अंसारी और इम्त‌ियाज खान को पेड़ से लट‌काकर मार दिया।
2 अप्रैल, 2016 को मुस्‍टेन अब्बास को कुरूक्षेत्र में मार डाला।

यह ना खत्म होने वाली हत्याओं पर सरकार और प्रधानमंत्री की चुप्पी है। इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि 2017 में होने के बावजूद जीएसटी जहां देश के विकास की ओर जाने का संकेत है, वही भीड़ का हिंसक होना भी हमारे देश का एक चेहरा है जिसकी अनदेखी नहीं की जा सकती।
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