वैज्ञानिक दिल्ली में कृत्रिम बारिश कराने के लिए अब भी बादलों के उपयुक्त स्थिति में आने का इंतजार कर रहे हैं। यही वजह है कि अब भी दिल्ली में कृत्रिम बारिश नहीं करायी जा सकी है।
पर्यावरण मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया, हम उपयुक्त बादलों का इंतजार कर रहे हैं। सबकुछ अपनी जगह पर ठीक है लेकिन बादलों का कोई निशान नहीं है। यह तभी होगा जब जब दिल्ली पर ऐसे बादल छाए जो कृत्रिम बारिश के लिए उपयुक्त हों। उस वक्त क्लाउड सीडिंग(कृत्रिम बारिश के लिए होने वाली प्रक्रिया का नाम) कराने का कोई अर्थ नहीं है जो सही नतीजा न दें।
दिल्ली को प्रदूषण से फौरी तौर पर राहत देने के लिए आईआईटी कानपुर के वैज्ञानिकों के प्रस्ताव पर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड कृत्रिम बारिश करा सकता है। यह नवंबर के आखिर में ही किया जाने वाला था लेकिन बादलों के न होने की वजह से इसे पोस्टपोन कर दिया गया।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड दिल्ली में इसलिए भी कृत्रिम बारिश कराना चाहती है कि इसका परिणाम देखा जाए कि कितना प्रदूषण घटेगा। अगर यह सकारात्मक रहा तो इसे आपातकाल के दौरान इस्तेमाल में लाने के बारे में सोचा जा सकता है।