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क्यों बम बन रहे एयर कंडीशनर?: मई में ही ले चुका 10 की जान, दिल्ली में हुए इन हादसों से आप जरूर सीखें ये सबक

Sun, 24 May 2026 05:45 PM IST
विकास कुमार शुजात आलम, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

दमकल विभाग के अधिकारियों का कहना है कि राजधानी में लगातार आग लगने की घटनाओं में इजाफा हो रहा है। मई माह में औसतन 125-150 के बीच आग लगने की कॉल्स आ रहीं हैं। 21 मई को सारे रिकॉर्ड तोड़कर एक दिन में आग लगने की 232 कॉल्स आईं। ज्यादातर मामलों में शॉर्ट सर्किट आग लगने की बड़ी वजह होता है। इसके पीछे भी कहीं न कहीं एयर कंडीशर एक बड़ी भूमिका अदा करता है।
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क्यों होता है एसी में धमाका? - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राजधानी दिल्ली या यू कहें दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते तापमान के बीच एयर कंडीशनर अब आम लोगों की जरूरत बन चुका है। लेकिन पिछले 20 दिनों के भीतर दिल्ली में जिस तरह एसी ब्लास्ट के मामले सामने आए हैं, उसने कहीं न कहीं लोगों की चिंताओं को बढ़ा दिया है। विवेक विहार, गोकुलपुरी और जीटीबी एंक्लेव में एसी से हुए ब्लास्ट के बाद आग लगने से अब तक 10 लोगों की जान जा चुकी है। इस कारण से लोग बुरी तरह डरे हुए हैं। यही वजह है कि सोशल मीडिया पर इन हादसे से बचाव के तरीकों को खूब खोजा रहा है। एसी एंड रेफ्रिजरेशन विशेषज्ञों का कहना है ऊंचे तापमान के बीच लगातार एसी चलाने की वजह से मशीन पर दबाव बढ़ता है, जिसकी वजह से इस तरह के हादसों की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। थोड़ी सी सावधानी बरतकर इन हादसों से बचा जा सकता है।

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विवेक विहार में गई थी नौ की जान
दमकल विभाग के अधिकारियों का कहना है कि राजधानी में लगातार आग लगने की घटनाओं में इजाफा हो रहा है। मई माह में औसतन 125-150 के बीच आग लगने की कॉल्स आ रहीं हैं। 21 मई को सारे रिकॉर्ड तोड़कर एक दिन में आग लगने की 232 कॉल्स आईं। ज्यादातर मामलों में शॉर्ट सर्किट आग लगने की बड़ी वजह होता है। इसके पीछे भी कहीं न कहीं एयर कंडीशर एक बड़ी भूमिका अदा करता है। बिजली के लूज कनेक्शन, खराब क्वालिटी के बिजली के तार और जरूरत से ज्यादा लोड की वजह से शॉर्ट सर्किट से निकली चिंगारी आग की वजह बनती है। कुछ मामलों में एसी ब्लास्ट भी देखने को मिले हैं। विवेक विहार के पॉश एरिया में बिल्डिंग में लगी आग से 9 लोगों की जान चली गई थी। वहीं गोाकुलपुरी इलाके के जौहरीपुर में एसी में आग लगने की वजह से चार साल के मासूम की दम घुटकर मौत हो गई। वहीं जीटीबी एंक्लेव में एसी में ब्लास्ट के बाद घर में आग लगी, लेकिन यहां परिवार बाल-बाल बच गया।

क्यों हो रहे एसी में ब्लास्ट...
एसी एंड रेफ्रिजरेशन एक्सपर्ट बताते हैं लगातार 15 से 24 घंटे एसी चलाने, समय पर एसी की सर्विस न कराना और अनाड़ी लोगों से एसी की सर्विस कराना इस तरह के हादसा का एक बड़ा कारण बनता है। थोड़ी सी सावधानी बरतकर इन हादसों से बचा जा सकता है।

एसी ब्लास्ट के कुछ कारण
. कमरे के क्षेत्रफल के अनुसार यदि सही घनत्व (टन) का एसी नहीं लगाया तो ऐसे मामलों एसी अपने आप बिना कट हुए लगातार चलता रहता है, इससे खतरा बना रहता है।
. जानबूझकर एसी को 15 से 24 घंटे तक लगातार चलाने से एसी के कंप्रेशर पर लोड पड़ता है, कंप्रेशन गर्म होने की वजह से एसी फटने की संभावना बनी रहती है। यह एसी ब्लास्ट की बड़ी वजह बनता है।
. एसी की आउट डोर यूनिट को यदि सही हवा आने-जाने वाले स्थान या सीधे धूप वाले स्थान पर लगाया जाए तो हादसे की संभावना बनी रहती है।
. हर किसी एसी के कंप्रेशर की एक्सपायरी डेट होती है, लंबे समय तक पुराने एसी को चलाना भी खतरे की वजह हो सकता है।
. लूज कनेक्शन खराब बिजली के तार, क्षमता से कम बिजली के तार और कमजोर एक्सटेंशन बोर्ड भी कई बार हादसों की वजह बनता है।
. आर-32 और आर 410-ए गैस हाई प्रेशर वाली गैस हैं, एसी की इन गैस के रिसाव को नजरअंदाज करने से भी खतरा बढ़ जाता है।
. मार्केट में एसी में डलने वाली नकली गैस भी मौजूद, उसके एसी में डालने से भी खतरा बढ़ जाता है।
. कूलिंग कॉइल पर गंदगी जमने के कारण कंप्रेशर को ज्यादा ताकत से काम करना पड़ता है, यह भी एक वजह बन सकती है।

हादसे से बचने के लिए इन बातों का रखें ख्याल...
. लगातार एसी चलाने से बचें, कुछ घंटों के बाद एसी को 20 से 25 मिनट का आराम देकर दोबारा चलाएं।
. रात के समय टाइमर लगाकर लगातार एसी चलाने से बचा जा सकता है, इससे बिजली की बचत भी होगी।
. एसी को 16 डिग्री पर करके न चलाएं, 24 से 26 डिग्री पर चलाने से एसी कट होगा और कंप्रेशर को आराम मिलेगा।
. एसी के तार को अच्छे सॉकेट में लगाकर उसमें बढि़या क्वालिटी की एमसीबी लगवाएं।
. एसी की एमसीबी बार-बार ट्रिप हो रही हो तो एसी को बंद कर दें और मैकेनिक को बुलवाकर जांच करवाएं।
. वोल्टेज का उतार-चढ़ाव होता हो तो बढ़िया क्वालिटी का स्टेबलाइजर लगाकर ही एसी चलवाएं।
. कुछ जलने की गंध या स्पार्किंग की आवाज आए तो तुरंत एसी को बंद कर दें।
 

एसी में आग लगे तो क्या करें...
. एसी में आग लगती है तो सबसे पहले तुरंत मेन स्विच से घर की बिजली को बंद कर दें।
. 112 पर दमकल केंद्र को सूचना देकर तुरंत परिवार के साथ घर से निकल जाएं।
. आग बुझाने के लिए पानी का इस्तेमाल न कर रेत या किसी अन्य वस्तु का इस्तेमाल करें।
 

लूज कनेक्शन, घटिया क्वालिटी के बिजली उपकरण अैर खराब वायरिंग के इस्तेमाल से आग लगने की संभावना बनी रहती है। एसी के मामलों में समय पर सर्विस न होना और लगातार उसे चलाना हादसे की बड़ी वजह बनता है। बिजली उपकरणों और अपने घर की वायरिंग की जांच करवाकर शार्ट सर्किट से आग लगने वाली घटनाओं को कम किया जा सकता है। -एके मलिक, डिप्टी फायर चीफ, दिल्ली फायर सर्विस

एसी का रखरखाव न करना, लगातार बिना रेस्ट दिए एसी को चलाना इस तरह के हादसों का एक बड़ा कारण है। समय पर और एक्सपर्ट इंजीनियर से अपने एसी की सर्विस कराएं। कमरे के क्षेत्रफल के अनुसार सही घनत्व का एसी ही लगवाएं। ऐसा करने से इस तरह के हादसों से बचा जा सकता है। -मुमताज अली, एसी एंड रेफ्रिजरेशन एक्सपर्ट, एमटेक, इंजीनियर
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इस माह हुए कुछ हादसे...
02 मई 2026: गोकुलपुरी के जौहरीपुर इलाके एक मकान की दूसरी मंजिल पर एसी ब्लास्ट के बाद आग लग गई। हादसे में दम घुटने से चार साल के मासूम की मौत हो गई जबकि इसका भाई दम घुटने से बेहोश हुआ।
03 मई 2026: विवेक विहार की चार मंजिला इमारत में अचानक आग लग गई। एसी में ब्लास्ट के बाद हादसा हुआ। इसमें डेढ़ साल के मासूम समेत 9 लोगों की जान चली गई।
20 मई 2026: जीटीबी एंक्लेव इलाके में दूसरी मंजिल के फ्लैट में अचानक एक एसी के आउट डोर में ब्लास्ट हो गया। इससे घर में आग लग गई। समय रहते दंपती और उनका बच्चे सुरक्षित बाहर निकल गए।
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