श्रेष्ठ इंसान, उत्कृष्ट नागरिक, महान वैज्ञानिक और शानदार राष्ट्रपति रहे डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम से जो भी मिला वह हमेशा के लिए उनका मुरीद हो गया।
बतौर राष्ट्रपति और उसके बाद भी उनका साइबर सिटी गुड़गांव आना-जाना रहा है। यही कारण है कि उनके निधन से शहर मायूस है। उद्योग, विज्ञान और शिक्षा जगत उनकी मौत से स्तब्ध है।
लोगों के पास शब्द नहीं हैं कि किस प्रकार से उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करें। बतौर राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम मानेसर स्थित मारुति-सुजुकी प्लांट में 25 मई, 2007 को आए थे।
वहां कलाम से मिलने वाले आज भी खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं।